बिहार: पैक्स चुनाव में री-काउंटिंग में 1 वोट से हो गया बड़ा ‘खेला’, परड़िया में मचा बवाल

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: चंद मिनट पहले तक जीत के नारों से गूंज रहा था पूरा इलाका…फूलों की मालाओं से लदे प्रत्याशी, समर्थकों की भीड़ और चेहरे पर साफ दिखती जीत की चमक…लेकिन किसे अंदाज़ा था कि कुछ ही देर में तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। जी हां, राजनीति में तस्वीर कब बदल जाए, कहा नहीं जा सकता। परड़िया प्रखंड में लोकतंत्र का ऐसा उलटफेर देखने को मिला है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिस प्रत्याशी को पहले विजेता घोषित किया गया, री-काउंटिंग के बाद वही एक वोट से हार गया। जीत की खुशी पल भर में सन्नाटे में बदल गई।

दरसल यह दिलचस्प मामला बिहार के मधेपुरा के पैक्स चुनाव से जुड़ा है। बिहारीगंज के परड़िया पंचायत में हुए पैक्स चुनाव में सुरेंद्र झा को पहले विजेता घोषित किया गया था। समर्थकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया था। ढोल-नगाड़े, फूल-मालाएं और बधाइयों का सिलसिला जारी था। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया, जब प्रतिद्वंद्वी अमोद मेहता ने परिणाम को चुनौती देते हुए री-काउंटिंग की मांग कर दी।

प्रशासन ने आवेदन स्वीकार किया और दोबारा मतगणना शुरू हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली गिनती के बाद जो नतीजा सामने आया, उसने पूरा माहौल बदल दिया। रात करीब 11 बजे घोषित परिणाम में अमोद मेहता को महज़ एक वोट से विजयी बताया गया।

बस फिर क्या था… जीत का जश्न अचानक आक्रोश में बदल गया। सुरेंद्र झा के समर्थकों ने री-काउंटिंग पर सवाल उठाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बीडीओ पर पक्षपात और रिश्वत के आरोप लगाए गए। गुस्साए समर्थकों ने सड़क जाम कर दी, जिससे करीब डेढ़ घंटे तक आवागमन ठप रहा।

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। प्रत्याशी सुरेंद्र झा और थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार सिंह के समझाने-बुझाने के बाद रात करीब 12 बजे सड़क जाम हटाया जा सका।

वहीं, बीडीओ अमित कुमार ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराई गई है।

जिस तरह क्रिकेट के मैदान में एक रन से मैच में पासा पलट जाता है, ठीक उसी तरह परड़िया की सियासत में एक वोट ने पूरी बाज़ी पलट दी—और जीत को हार में बदल दिया। एक वोट..सिर्फ एक वोट ने परड़िया की सियासत में ऐसा उलटफेर कर दिया की यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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