NEWS PR डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 एवं 2 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे भारत की विकास यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया और कहा कि देश अब औपनिवेशिक प्रतीकों से आगे बढ़कर आत्मविश्वास के साथ भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।
उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री ने कहा कि नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक जैसी इमारतें ब्रिटिश शासन के दौरान बनाई गई थीं और वे उस दौर के प्रतीक थीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद इन्हीं इमारतों से देश के लिए अनेक महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए, लेकिन अब भारत एक नई सोच और नई कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है।
‘विकसित भारत’ के संकल्प के साथ नई शुरुआत
प्रधानमंत्री ने 13 फरवरी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दिन ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने विजया एकादशी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह शुभ दिन नए संकल्प और सफलता का प्रतीक है।
‘सेवा तीर्थ’ परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और कैबिनेट सेक्रेटेरिएट स्थित हैं। वहीं कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट कार्य, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य जैसे प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं।
प्रशासनिक ढांचे में आधुनिकता पर जोर
सरकार का मानना है कि नए भवनों के माध्यम से प्रशासनिक कामकाज को अधिक समन्वित, कुशल और आधुनिक बनाया जा सकेगा। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इन परिसरों का उद्देश्य मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश एक नए इतिहास का साक्षी बन रहा है और यह परिवर्तन केवल भवनों का नहीं, बल्कि मानसिकता और कार्यसंस्कृति का भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नई व्यवस्थाओं के साथ भारत अपने विकास लक्ष्यों को और तेजी से हासिल करेगा।