NEWS PR डेस्क: डिजिटल पहचान सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के नए आधार ऐप ने डाउनलोड्स के मामले में 14 मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया है। PIB Delhi द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ऐप को देशभर में शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और औसतन प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोग इसे डाउनलोड कर रहे हैं।
28 जनवरी को राष्ट्र को समर्पित किए गए इस नेक्स्ट-जेनरेशन मोबाइल एप्लिकेशन ने डिजिटल पहचान सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सरल और उपयोगकर्ता-केंद्रित बना दिया है। अब तक करीब 10 लाख (1 मिलियन) निवासियों ने घर बैठे ऐप के माध्यम से अपना मोबाइल नंबर अपडेट किया है। इसके अलावा 3.57 लाख से अधिक आधार धारकों ने अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक या अनलॉक किया, जबकि लगभग 8 लाख लोगों ने ई-आधार डाउनलोड किया है।
यह ऐप एंड्रॉइड और एप्पल आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और आधार संख्या धारकों को अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित तरीके से रखने, साझा करने और सत्यापित करने की सुविधा देता है। ऐप में फेस वेरिफिकेशन के माध्यम से प्रेजेंस प्रूफ, सिंगल-क्लिक बायोमेट्रिक लॉक/अनलॉक, ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री देखने की सुविधा और क्यूआर-आधारित कॉन्टैक्ट कार्ड जैसी आधुनिक विशेषताएं शामिल हैं।
आधार ऐप डेटा मिनिमाइजेशन, कंसेंट कंट्रोल और सेलेक्टिव शेयरिंग जैसे गोपनीयता-केंद्रित फीचर्स को बढ़ावा देता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अपनी जानकारी पर अधिक नियंत्रण मिलता है। होटल चेक-इन, अस्पताल में भर्ती, कार्यक्रमों में प्रवेश, आयु सत्यापन और गिग वर्कर्स के सत्यापन जैसे दैनिक कार्य अब ऐप के जरिए आसान हो गए हैं।
यूआईडीएआई एक ऑफलाइन वेरिफिकेशन इकोसिस्टम भी विकसित कर रहा है, जिससे विभिन्न संस्थाएं पंजीकरण कर आधार ऐप की सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी। ऐप एक ही डिवाइस पर पांच आधार प्रोफाइल तक प्रबंधित करने की सुविधा देता है, जो “वन फैमिली – वन ऐप” की अवधारणा को साकार करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐप की बढ़ती लोकप्रियता नागरिकों के बीच सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के प्रति बढ़ते भरोसे का संकेत है। नियमित अपडेट, उन्नत सुरक्षा फीचर्स और सरल इंटरफेस ने इसे सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए उपयोगी बना दिया है।
14 मिलियन से अधिक डाउनलोड्स का यह आंकड़ा केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि डिजिटल रूप से सशक्त भारत की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।