NEWS PR डेस्क: पटना: बिहार में पर्यटन के नए आयाम खोलने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जल संसाधन विभाग ने राज्य के आठ प्रमुख डैम और जलाशयों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की पहल शुरू की है। यह परियोजना जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी ‘नेशनल स्ट्रेटेजी फॉर डेवलपिंग डैम्स ऐज सस्टेनेबल एंड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म डेस्टिनेशंस’ के अनुरूप लागू की जाएगी।
इन 8 स्थलों को किया गया चयन
पर्यटन के लिए चिन्हित स्थलों में दुर्गावती जलाशय, वाल्मीकिनगर बराज, गंगाजी राजगृह जलाशय, खड़गपुर झील, कुण्डघाट जलाशय, गरही (अपर किउल) जलाशय, मोरवे जलाशय तथा ओढ़नी डैम और फुलवरिया डैम शामिल हैं। इन स्थानों पर प्राकृतिक सुंदरता और जल संरचनाओं के समन्वय से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय संचालन समिति का गठन किया है। जल संसाधन विभाग को नोडल विभाग और सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। समिति में पर्यटन, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, गृह, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, कला-संस्कृति एवं युवा, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को जोड़ा गया है।
समन्वित विकास की तैयारी
संचालन समिति के मार्गदर्शन में संबंधित विभाग अपने-अपने स्थलों के विकास, संचालन और रखरखाव की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेंगे। योजना के तहत बुनियादी ढांचे का विकास, सुरक्षा मानकों का पालन, पर्यावरण संरक्षण और जल-आधारित पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल राज्य की प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, बिहार को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने में भी मदद मिलेगी।