भागलपुर में शराबबंदी की खुली पोल! प्रशासनिक दफ्तरों के पास नशे में धुत दिखे लोग

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: बिहार में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून एक बार फिर सवालों के घेरे में है। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हो रहे भागलपुर से सामने आए एक वीडियो ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

शहर के पॉश इलाके में, जहां कमिश्नर कार्यालय, नगर निगम और एसपी कार्यालय जैसे प्रमुख सरकारी दफ्तर स्थित हैं, वहीं दिनदहाड़े कुछ लोग शराब के नशे में लुढ़कते हुए नजर आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ लोग कमिश्नरी परिसर के बाहर जमीन पर पड़े थे। आसपास के लोगों द्वारा हटाए जाने पर वे लड़खड़ाते हुए चलते दिखाई दिए।

बताया जा रहा है कि नशे की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें संभलना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान किसी ने उन्हें पास की दुकान पर नींबू पानी मिलने की जानकारी दी, जिसके बाद वे वहां रुककर नींबू पानी पीते दिखे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जहां प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर मौजूद हों, वहां इस तरह की स्थिति कैसे उत्पन्न हो रही है? क्या शराबबंदी कानून केवल कागजों तक सीमित रह गया है?

राज्य सरकार की ओर से शराबबंदी को लेकर सख्त कानून बनाए गए हैं और समय-समय पर पुलिस व उत्पाद विभाग की छापेमारी की खबरें भी सामने आती रहती हैं। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आखिर शराब की आपूर्ति कहां से हो रही है और खुलेआम सेवन कैसे संभव हो पा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। उनका आरोप है कि शाम के साथ-साथ अब दिन में भी नशे में धुत लोगों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों—विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों—को असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है।

प्रशासनिक दफ्तरों के ठीक पास इस तरह की घटनाएं कानून व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा करती हैं। अब देखना यह होगा कि वायरल वीडियो के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है—क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या मामला अन्य घटनाओं की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

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