राजीव नगर–दीघा की 25 एकड़ जमीन होगी अतिक्रमणमुक्त, एक–डेढ़ माह में कार्रवाई का ऐलान

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: पटना में राजीव नगर और दीघा क्षेत्र की करीब 25 एकड़ जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने की तैयारी तेज हो गई है। विधान परिषद में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार स्टेट हाउसिंग को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड की स्वामित्व वाली इस भूमि को एक से डेढ़ महीने के भीतर खाली करा लिया जाएगा।

यह जमीन आशियाना-दीघा रोड के पास, राजीव नगर थाना और दीघा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाटलिपुत्र अंचल में स्थित है। मंत्री ने कहा कि पटना डीएम को निर्देश देकर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। जमीन की मापी के लिए विशेष दल का गठन भी कर लिया गया है।

इस मुद्दे को विधान परिषद में अनिल कुमार और दिलीप कुमार सिंह सहित आधा दर्जन से अधिक विधान पार्षदों ने ध्यानाकर्षण के जरिए उठाया था।

पाटलिपुत्र कॉलोनी में दमकल कार्यालय की मांग

विधान पार्षद सैयद फैसल अली ने पाटलिपुत्र कॉलोनी में दमकल विभाग का कार्यालय न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह इलाका रिहायशी और व्यावसायिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन अग्निकांड से निपटने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।

इस पर गृह मंत्री ने कहा कि मामले की समीक्षा कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

फरार आरोपितों पर ट्रायल चलाने में बिहार अव्वल

तारांकित प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि फरार आरोपितों के विरुद्ध ट्रायल शुरू करने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। गोपालगंज में 17 दिनों के भीतर सजा सुनाए जाने का उदाहरण भी दिया गया।

विधान पार्षद नीरज कुमार ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की जरूरत बताई, जिस पर मंत्री ने अभियान चलाने का आश्वासन दिया।

आठ साल से लापता युवक का मामला

वहीं अब्दुल बारी सिद्दीकी ने पुनाईचक से आठ वर्षों से लापता तेजप्रताप का मुद्दा उठाया। मंत्री ने बताया कि पुलिस टीम मुंबई तक जांच के लिए गई है और मामले के शीघ्र निष्पादन के निर्देश दिए जाएंगे।

बिहार का एथेनॉल कोटा बढ़ेगा, प्लांट नहीं होंगे बंद

उद्योग मंत्री *दिलीप जायसवाल* ने विधान परिषद में बताया कि बिहार का एथेनॉल कोटा बढ़ाने पर केंद्र से सहमति बनी है। राज्य के उपमुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की थी।

मंत्री ने बताया कि फिलहाल बिहार में 11 डेडीकेटेड एथेनॉल प्लांट केंद्र सरकार के साथ समझौते के तहत संचालित हैं, जबकि आठ अन्य प्लांट बिना केंद्रीय समझौते के चल रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य में खुले किसी भी एथेनॉल प्लांट को बंद नहीं होने दिया जाएगा।

राजीव नगर-दीघा की जमीन से अतिक्रमण हटाने, फरार आरोपितों पर सख्त कार्रवाई और एथेनॉल उद्योग को बढ़ावा देने जैसे फैसलों से साफ है कि सरकार प्रशासनिक सख्ती और औद्योगिक विकास दोनों मोर्चों पर सक्रिय दिखना चाहती है।

Share This Article