वित्त मंत्री विजेंद्र यादव का ऐलान, 2030 तक विकसित राज्यों की कतार में खड़ा होगा बिहार

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार के वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि वर्ष 2030 तक बिहार देश के विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाबद्ध विकास मॉडल पर काम कर रही है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं है।

‘खजाना खाली’ के आरोपों को बताया निराधार

वित्त मंत्री ने विपक्ष के उस दावे को सिरे से खारिज किया, जिसमें राज्य का खजाना खाली होने की बात कही जाती है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बजट सत्र के दौरान ऐसे आरोप लगाए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में राज्य की वित्तीय स्थिति पूरी तरह संतुलित और नियंत्रण में है।

राजकोषीय घाटे को लेकर भी उन्होंने विपक्ष पर भ्रामक आंकड़े पेश करने का आरोप लगाया। यादव ने स्पष्ट किया कि बिहार का राजकोषीय घाटा निर्धारित तीन प्रतिशत की सीमा के भीतर है, जबकि इसे 18 प्रतिशत बताना जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

बजट आकार में कई गुना वृद्धि

वित्त मंत्री ने राज्य की आर्थिक प्रगति का उदाहरण देते हुए बताया कि वर्ष 2005 में बिहार का कुल बजट 23,885 करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उनके अनुसार, यह वृद्धि राज्य के सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और बढ़ती विकास क्षमता को दर्शाती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और सामाजिक क्षेत्रों पर फोकस

यादव ने कहा कि राज्य सरकार आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में व्यापक निवेश कर रही है। सभी योजनाओं को समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

उन्होंने भरोसा जताया कि वर्तमान नीतियों और वित्तीय अनुशासन के चलते आने वाले वर्षों में बिहार की विकास गति और तेज होगी तथा 2030 तक राज्य एक विकसित इकाई के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। वित्त मंत्री के इस दावे के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज होने के आसार हैं, खासकर तब जब विपक्ष राज्य की वित्तीय सेहत पर लगातार सवाल उठाता रहा है।

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