NEWS PR डेस्क : शिवहर के भिखारी राय ने बेहद सीमित संसाधनों के साथ एक छोटे से कमरे में डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की थी। आज वही पहल जिले के सबसे बड़े डेयरी उद्योग के रूप में पहचान बना चुकी है। उनके प्लांट में दूध, दही, खोया समेत कई दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस कारोबार के जरिए 12,000 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है।
शिवहर जिले की सरसौला खुर्द पंचायत के शाहपुर गांव निवासी भिखारी राय ने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और निरंतर मेहनत से किसी भी पिछड़े इलाके में बड़ा उद्योग खड़ा किया जा सकता है। डेयरी व्यवसाय की शुरुआत कर उन्होंने न सिर्फ अपनी आर्थिक स्थिति बदली, बल्कि 12 हजार से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ दिया।
जिले की सबसे बड़ी डेयरी इकाई
आज उनका डेयरी प्रतिष्ठान शिवहर का सबसे बड़ा डेयरी उद्योग माना जाता है। यहां दूध, दही, पनीर, खोया, घी और मक्खन जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इन उत्पादों की बिक्री केवल शिवहर तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों के बाजारों में भी होती है।
करीब 50 वर्षीय भिखारी राय ने 30 वर्ष पहले एक छोटे से कमरे में दूध बेचने के काम से शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में वे पशुपालकों से दूध इकट्ठा कर उसे बाजार तक पहुंचाते थे। धीरे-धीरे उन्होंने इसे संगठित रूप दिया और शाहपुर गांव में छोटे भूखंड पर डेयरी यूनिट स्थापित की।
आधुनिक मशीनों से बढ़ी क्षमता
समय के साथ डेयरी में दुग्ध शीतक मशीनें, पनीर प्रेसिंग मशीन, घी बॉयलर, योगर्ट मेकर और मिल्किंग मशीन जैसी अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए। एसी और जेनरेटर की व्यवस्था की गई। कार्यालय को कंप्यूटरीकृत बनाया गया।
आज राजा डेयरी में करीब 50 लोग नियमित रूप से कार्यरत हैं, जबकि हजारों लोग दूध संग्रहण और उत्पादों के वितरण कार्य से जुड़े हैं। दूध और अन्य उत्पादों के परिवहन के लिए वैन और बाइक का उपयोग किया जाता है। प्रतिदिन लगभग 800 से 1000 लीटर दूध का संग्रहण और विपणन होता है।
40 लाख का वार्षिक टर्नओवर
पिछले वर्ष इस डेयरी का वार्षिक टर्नओवर करीब 40 लाख रुपये रहा। यह इकाई खुदरा और थोक—दोनों स्तरों पर आपूर्ति करती है। शादी-विवाह और अन्य आयोजनों में भी यहां से बड़े पैमाने पर ऑर्डर मिलते हैं।
शहर से सटे शाहपुर में उत्पादन इकाई है, जबकि शिवहर शहर के रिद्धि-सिद्धि कॉम्प्लेक्स में इसका कार्यालय संचालित होता है। यहां से व्यापारी उत्पाद लेकर जाते हैं या अन्य स्थानों पर भेजे जाते हैं।
सामूहिक प्रयास और बड़े लक्ष्य
भिखारी राय इस उद्योग को सामूहिक प्रयास और बैंक ऋण के सहारे आगे बढ़ा रहे हैं। उनका लक्ष्य इसे और बड़े स्तर पर विकसित करना है। उनका मानना है कि शिवहर में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। यदि सरकारी सहयोग मिले, तो इसे बड़े उद्योग में बदला जा सकता है।
किसान दिवस पर सम्मानित
23 दिसंबर 2025 को किसान दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिले के दस नवाचारी किसानों को सम्मानित किया गया, जिनमें भिखारी राय भी शामिल थे।
समाज में नई मिसाल
सामाजिक कार्यकर्ता मुकुंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि राजा डेयरी ने न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ाए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों को बेहतर डेयरी उत्पाद भी उपलब्ध कराए हैं। वहीं, उद्योग से जुड़े अजय कुमार बताते हैं कि भिखारी राय की दृढ़ इच्छाशक्ति ने शिवहर में बड़े डेयरी उद्योग की नींव रखी और हजारों लोगों को आत्मनिर्भर बनाया।