NEWS PR डेस्क : राज्यसभा चुनाव नजदीक आते ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और लालू प्रसाद यादव एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहे हैं। गुरुवार सुबह वे राबड़ी देवी के आवास से बाहर निकले। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्ष अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटा है। बिहार में मतदान के लिए अब सिर्फ तीन दिन शेष हैं, इसलिए सभी दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इधर तेजस्वी यादव की अख्तरुल ईमान से हुई मुलाकात के बाद राजनीतिक चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। इस बैठक के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन भी सक्रिय हो गया है। सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एनडीए विधायकों की अहम बैठक बुलाई गई, जिसमें राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।
इसी बीच सबकी निगाहें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर टिकी हुई हैं, जिन्हें बिहार की राजनीति में लंबे समय से “किंगमेकर” के तौर पर देखा जाता है। गुरुवार सुबह वे अपने सरकारी आवास से निकलकर उस जगह पहुंचे, जहां उनका नया घर बन रहा है। इस दौरान मीडिया ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन वे बिना कुछ कहे आगे बढ़ गए।
अब राजनीतिक हलकों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राज्यसभा चुनाव के लिए जरूरी 41 विधायकों का समर्थन जुटाने की रणनीति पहले ही तय कर ली गई है। चर्चा यह भी है कि लालू प्रसाद यादव की रणनीति के कारण एनडीए खेमे में भी अंदरखाने हलचल बढ़ गई है। आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि इन्हीं दिनों में यह तय होगा कि किस गठबंधन की रणनीति राज्यसभा चुनाव में भारी पड़ती है।