मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में गड़बड़ी, नाबालिग छात्राओं के खातों में पहुंची राशि

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड की सहिलाबल्ली पंचायत में इस योजना के तहत नौवीं और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्राओं के खातों में भी 10-10 हजार रुपये की राशि भेज दी गई। इतना ही नहीं, कई ऐसी महिलाओं के खाते में भी पैसा पहुंच गया जो किसी जीविका समूह से जुड़ी ही नहीं हैं।

मामला तब सामने आया जब कुछ लाभार्थियों ने बताया कि उनके बैंक खातों से 3 से 4 हजार रुपये तक की अवैध निकासी कर ली गई है। आरोप है कि एक सीएसपी संचालक ने अंगूठा लगवाकर महिलाओं के खातों से यह रकम निकाल ली। इस संबंध में सहिलाबल्ली पंचायत की सीएलएफ रीना देवी ने हथौड़ी थाना में आवेदन देकर सीएसपी संचालक पर अवैध वसूली का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने इसे साइबर अपराध से जुड़ा मामला बताते हुए विस्तृत जानकारी मांगी है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि नरहर गांव की कई नाबालिग और अविवाहित छात्राओं के खाते में योजना की पहली किस्त भेज दी गई, जबकि वे न तो किसी जीविका समूह से जुड़ी हैं और न ही योजना की पात्र हैं। आशंका जताई जा रही है कि आधार संख्या को किसी अन्य जगह से सिस्टम में जोड़ने के कारण यह राशि उनके खातों में चली गई। वहीं दूसरी ओर कई ऐसी महिलाएं, जो लंबे समय से जीविका समूह से जुड़ी हैं, उनके खाते में अब तक योजना की राशि नहीं पहुंची है। इससे लाभार्थियों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है।

औराई प्रखंड के बीपीएम राकेश कुमार वर्मा के मुताबिक जिन खातों में गलत तरीके से राशि भेजे जाने की जानकारी मिली है, उनका आधार नंबर उनकी लॉगिन आईडी से दर्ज नहीं किया गया है। इससे संभावना जताई जा रही है कि डाटा में किसी अन्य प्रखंड से छेड़छाड़ की गई है।

उन्होंने बताया कि औराई प्रखंड में जीविका के 4117 समूह सक्रिय हैं और करीब 50 हजार महिलाओं का डाटा दर्ज है। इनमें से अब तक लगभग 42 हजार महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। समूह समन्वयक प्रदीप कुमार ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि यह गड़बड़ी औराई प्रखंड के स्तर से नहीं हुई है, बल्कि किसी अन्य स्तर से डाटा में हेरफेर की आशंका है।

इधर दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में भी इसी योजना में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आ चुका है। वहां जांच में पाया गया कि कई मामलों में योजना की राशि पुरुषों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन और उद्योग विभाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए गलत तरीके से दी गई राशि की रिकवरी के निर्देश दिए हैं।

प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा साबित होता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य राज्य के हर परिवार की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़कर उसे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। लेकिन हाल में सामने आए मामलों ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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