स्कूल मिड-डे-मील योजना में बड़ा भ्रष्टाचार, डायरेक्टर ने दिए जांच के आदेश

Neha Nanhe
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NEWS PR डेस्क : बिहार के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में चल रही केंद्र सरकार की मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में बड़ा घोटाला सामने आया है। मध्याह्न भोजन निदेशालय की समीक्षा में यह गड़बड़ी पकड़ में आई, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घपला छात्रों की संख्या में हेरफेर कर किया गया। वास्तविक संख्या से अधिक छात्रों को पोर्टल पर दिखाकर अतिरिक्त सामग्री और राशि हड़प ली गई।

अधिक छात्रों के आंकड़े दिखाकर ली गई अतिरिक्त राशि

कुछ स्कूलों ने कम छात्रों के बावजूद पोर्टल पर अधिक बच्चों की संख्या दर्ज की, जिससे सरकार से अतिरिक्त राशि का भुगतान कराया गया। राज्य के कुछ जिलों में ई-शिक्षा कोष में वास्तविक नामांकन अपडेट नहीं होने के कारण यह गड़बड़ी संभव हुई।

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डायरेक्टर ने अधिकारियों को लिखा पत्र

मध्याह्न भोजन योजना के डायरेक्टर, विनय मिश्र, ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि जांच में यह पाया गया कि कई स्कूलों ने ई-शिक्षा कोष में दर्ज नामांकन से अधिक छात्रों को पोर्टल पर दिखाया। इससे अतिरिक्त खाद्य सामग्री, परिवहन और भोजन निर्माण के खर्च के पैसे निकाल लिए गए।

अतिरिक्त राशि वसूली जाएगी

डायरेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब पेमेंट केवल वास्तविक नामांकन के आधार पर ही होगा। जिन स्कूलों ने छात्रों के डेटा में गड़बड़ी की है, उनका पता लगाकर उन पर वसूली की जाएगी। यदि जिला शिक्षा कार्यालय बिना जांच के भुगतान करता है, तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से राशि वसूल की जाएगी।

योजना से बिहार में एक करोड़ से अधिक बच्चों को लाभ

एमडीएम योजना के तहत पहली से आठवीं कक्षा तक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को दोपहर का मुफ्त पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों के पोषण स्तर को सुधारना और स्कूलों में उपस्थिति बढ़ाना है। बिहार में इस योजना का लाभ एक करोड़ से अधिक बच्चों को मिल रहा है।

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