बिहार के 4 लाख छात्रों के सामने संकट, सरकारी योजनाओं का लाभ अटक सकता है

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 4 लाख छात्रों के रिकॉर्ड में गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। डाटा में हुई इन त्रुटियों के कारण छात्रों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। शिक्षा विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को रिकॉर्ड में सुधार करने का निर्देश दिया है।

जानकारी के अनुसार कई छात्रों के आधार नंबर, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि और बैंक खाते से जुड़ी जानकारियों में गलती पाई गई है। यदि इन त्रुटियों को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में छात्रों की मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) में भी गलतियां दर्ज हो सकती हैं। साथ ही सरकार की छात्रवृत्ति समेत अन्य योजनाओं की राशि भी उनके बैंक खातों तक नहीं पहुंच पाएगी। मिड डे मील योजना में भी छात्रों की सही गणना प्रभावित हो सकती है।

शिक्षा विभाग ने डीईओ को निर्देश दिया है कि छात्रों के गलत रिकॉर्ड को अलग-अलग तिथियों में सूचीबद्ध कर रिपोर्ट तैयार की जाए। सूची तैयार होने के बाद ही डाटा में आवश्यक सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि छात्रों के रिकॉर्ड में सुधार के लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और इसकी निगरानी मुख्यालय स्तर से की जाएगी। उन्होंने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में सभी छात्रों का डाटा पूरी तरह सही होना चाहिए। यदि निर्धारित समय में रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है।

विभागीय जानकारी के अनुसार सबसे पहले उन छात्रों के डाटा को ठीक किया जाएगा जिनकी उपस्थिति 75 प्रतिशत या उससे अधिक है। इसके बाद अन्य छात्रों के रिकॉर्ड में सुधार किया जाएगा। साथ ही जिन छात्रों की उपस्थिति कम है या जो स्कूल नहीं आ रहे हैं, उनके कारणों की भी जांच की जाएगी।

शिक्षा विभाग के इस अभियान के तहत राज्य के करीब चार लाख छात्रों के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।

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