DGP का सख्त आदेश: हर रेड से पहले जरूरी सूचना अनिवार्य, SOP तोड़ी तो होगी कड़ी कार्रवाई

Neha Nanhe
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क : बिहार में हाल के दिनों में पुलिस टीमों पर बढ़ते हमलों और अपराधियों के हौसले बुलंद होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब राज्य में किसी भी छापेमारी के दौरान मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह सख्ती पूर्वी चंपारण में हुई एक मुठभेड़ के बाद बढ़ाई गई है, जहां दो अपराधी मारे गए, लेकिन एक बहादुर जवान शहीद हो गया। इस घटना ने पुलिस महकमे को झकझोर दिया, जिसके बाद राज्यभर में पुलिस ऑपरेशनों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा शुरू की गई।

नए निर्देशों के तहत अब किसी भी रेड से पहले संबंधित क्षेत्र के सर्किल इंस्पेक्टर (CI) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को सूचना देना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत अतिरिक्त बल उपलब्ध कराना है।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

इसी मुद्दे पर गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय की एक उच्चस्तरीय बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति और पुलिस पर हमलों की घटनाओं की समीक्षा की गई। आने वाले ईद और नवरात्र जैसे त्योहारों को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई, जिसमें राज्यभर के पुलिस अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में पटना के बुद्धा कॉलोनी में नारकोटिक्स टीम पर हमला, बिक्रम के रानीतालाब में अवैध बालू खनन रोकने गई पुलिस टीम पर हमला और मुजफ्फरपुर फायरिंग कांड जैसे मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को साफ तौर पर कहा गया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए रणनीति को और मजबूत किया जाए।

इस दौरान डीजीपी विनय कुमार के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति और चुनौतियों पर विचार साझा किया।

मोतिहारी मुठभेड़ में एसटीएफ के जवान की शहादत को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने ऑपरेशन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई में जल्दबाजी या लापरवाही से बचना जरूरी है और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

वहीं, मुजफ्फरपुर फायरिंग मामले की समीक्षा के दौरान पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। पॉक्सो एक्ट से जुड़े इस मामले में तय समय सीमा के बावजूद कार्रवाई पूरी नहीं होने पर नाराजगी जताई गई। डीजीपी ने मुजफ्फरपुर एसपी को जांच अधिकारी की भूमिका की जांच करने और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला एक नाबालिग लड़की के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा है, जिसके चलते उसने आत्महत्या कर ली थी। अब तक इस मामले में केवल एक आरोपी ने सरेंडर किया है, जबकि अन्य फरार हैं।

कुल मिलाकर, बिहार पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सख्त निगरानी, बेहतर समन्वय और SOP के कड़ाई से पालन के जरिए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article