NEWS PR डेस्क: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र में रही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ का चौथा चरण शुक्रवार को संपन्न हो गया। अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने गया और औरंगाबाद का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के साथ कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की।
आखिरी दिन समीक्षा और संवाद पर जोर
यात्रा के समापन दिवस पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं भी सुनीं, जिससे प्रशासन को जमीनी स्तर का फीडबैक मिला।
दो दिन का विराम, फिर ‘समृद्धि यात्रा 5.0’
चौथे चरण के बाद मुख्यमंत्री दो दिनों के विश्राम पर रहेंगे। इसके बाद 23 मार्च से यात्रा का पांचवां चरण शुरू होगा, जिसे लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। यह चरण 26 मार्च तक चलेगा और कई अहम जिलों को कवर करेगा।
पांचवें चरण का पूरा कार्यक्रम
23 मार्च: जहानाबाद और अरवल
24 मार्च: कैमूर और रोहतास
25 मार्च: भोजपुर और बक्सर
26 मार्च: नालंदा में समीक्षा, समापन पटना में
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ‘सात निश्चय’ समेत अन्य प्रमुख योजनाओं का स्थल निरीक्षण करेंगे, साथ ही महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारंभ भी किया जाएगा। इसके अलावा, जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें और जनसंवाद कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जहां आम लोगों की समस्याएं सुनकर त्वरित समाधान के निर्देश दिए जाएंगे।
समृद्धि यात्रा के लगातार चरणों ने न केवल प्रशासनिक सक्रियता बढ़ाई है, बल्कि सियासी हलकों में भी हलचल तेज कर दी है। अब पांचवें चरण को लेकर निगाहें टिकी हैं कि यह अभियान विकास और जनसंवाद के स्तर पर क्या नए परिणाम सामने लाता है।