बिहार में चापाकलों के पास बने 2 लाख प्लस रिचार्ज पिट, भूजल पुनर्भरण की ऐतिहासिक पहल

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 20 मार्च। भूगर्भ जलस्तर की समस्या से निपटने के लिए बिहार सरकार ने एक क्रांतिकारी पहल की है। ग्रामीण विकास विभाग के जल-जीवन-हरियाली अभियान अवयव-4 के तहत राज्य भर में संचालित सार्वजनिक चापाकलों के पास रिचार्ज पिट बनाया जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों की मानें तो इस अभियान के तहत राज्य भर में अभी तक दो लाख से भी अधिक रिचार्ज पिट बनाए जा चुके हैं। रिचार्ज पिट बनाने का यह काम भविष्य में भी जारी रहेगा।

वर्षा जल को इकट्ठा करने, बर्बाद पानी के उचित प्रबंधन और भूजल स्तर को बढ़ाने की दिशा में बिहार सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाओं को लागू किया है। इसी क्रम में चापाकलों के किनारे रिचार्ज पिट का निर्माण किया जा रहा है। विभागीय पदाधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत राज्य में चापाकलों के किनारे अभी तक दो लाख 24 हजार 256 रिचार्ज पिट बनाए जा चुके हैं।

सबसे अधिक वर्ष 2020-21 में 78940 रिचार्ज पिट बनाए गए। इसके बाद वर्ष 2024-25 में 52435, वर्ष 2021-22 में 33893, वर्ष 2023-24 में 22708, वर्ष 2025-26 में 15732, वर्ष 2022-23 में 11420 तो वर्ष 2019-20 में 9128 रिचार्ज पिट का निर्माण हुआ। यह रिचार्ज पिट बरसाती और चापाकलों से निपकले वाले बर्बाद पानी का प्रबंधन करते हुए भूगर्भ जलभृत को कृत्रिम रूप से रिचार्ज करने में सहयोग करेंगे। इससे भविष्य में संभावित जल संकट की समस्या से निपटने में योजना कारगर साबित होगी।

चापाकल के किनारे पिट रिचार्ज निर्माण से होने वाले प्रमुख फायदेः

~ बरसाती और बर्बाद पानी का उचित प्रबंधन।
~ भूगर्भ जलस्तर में वृद्धि।
~ जलभराव की समस्या का समाधान।
~ जल संरक्षण।
~ स्वच्छता के साथ कीचड़ और मच्छरों के पनपने से बचाव।

ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री श्रवण कुमार का कहना है कि जल-जीवन-हरियाली अभियान सरकार की महत्वाकांक्षी अभियान है। इसके तहत सार्वजनिक कुओं, चापाकलों एवं अन्य जल संचयन संरचनाओं के किनारे सोख्ता निर्माण कराया जा रहा है। इस पहल की कई सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इनमें भूजल स्तर में सुधार और हरित आवरण में वृद्धि प्रमुख है।

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