NEWS PR डेस्क: पटना, 21 मार्च: राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित हीटवेव (लू) के खतरे को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि गर्मी से प्रभावित मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सके।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष भीषण गर्मी पड़ने की आशंका है। ऐसे में छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बाहर काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में माने जा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार ने इस संबंध में सभी सिविल सर्जनों, मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अधीक्षकों और सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों के निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि हर अस्पताल में लू से प्रभावित मरीजों के लिए अलग से डेडिकेटेड वार्ड और पर्याप्त बेड की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए।
इन विशेष वार्डों में 24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रोस्टर ड्यूटी लगाने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज मिल सके। साथ ही, एंबुलेंस सेवाओं की भी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें एयर कंडीशनिंग, ऑक्सीजन और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने दस्त, उल्टी, चर्म रोग, आंखों से जुड़ी समस्याओं और लू से संबंधित बीमारियों की दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश भी दिया है। इसके अलावा मरीजों की स्थिति पर नजर रखने के लिए हीट रेट, श्वसन दर, ब्लड प्रेशर और मानसिक स्थिति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अस्पतालों में सामान्य वार्डों की सुविधाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है। सभी वार्डों में एसी, कूलर और पंखों को पूरी तरह कार्यशील रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों को गर्मी से राहत मिल सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि समय रहते की गई ये तैयारियां लू से होने वाले गंभीर मामलों को कम करने में मददगार साबित होंगी और आम लोगों को राहत मिलेगी।