बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का बड़ा फैसला लिया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने इसके लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत प्रमुख शहरों के चयनित इलाकों में फिलहाल निर्माण कार्य और जमीन की खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
अनियोजित निर्माण को रोका जा सके
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के अनुसार, यह प्रतिबंध पूरे शहर पर नहीं बल्कि उन्हीं सीमित क्षेत्रों में लागू होगा, जहां प्रस्तावित टाउनशिप विकसित की जानी है। यह निर्णय बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम के तहत लिया गया है, ताकि अनियोजित निर्माण को रोका जा सके और योजनाबद्ध तरीके से शहरी विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
पटना के लिए अलग से जोनल प्लान भी बनाया जाएगा
सरकार ने पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर में प्रस्तावित टाउनशिप के कोर और विशेष क्षेत्रों के लिए मास्टर प्लान तैयार करने का निर्णय लिया है। इनमें पटना के लिए अलग से जोनल प्लान भी बनाया जाएगा। इन शहरों में टाउनशिप क्षेत्रों के भीतर 31 मार्च 2027 तक निर्माण और जमीन लेन-देन पर रोक लागू रहेगी। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के कोर एरिया में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक प्रभावी रहेगा।
टाउनशिप प्लान की प्रमुख विशेषताएं:
आधुनिक सड़क, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम का विकास,
रेजिडेंशियल और कमर्शियल क्षेत्रों का स्पष्ट विभाजन,
बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और चौड़ी सड़कों की व्यवस्था,
पार्क, ओपन स्पेस और कम्युनिटी एरिया का निर्माण।
इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में पटना को पूर्वी भारत का टेक हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रिसर्च पार्क के लिए 305 करोड़ रुपये और इनक्यूबेशन सेंटर (फेज-2) के लिए 39.01 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस रिसर्च पार्क में इलेक्ट्रिक व्हीकल, वायरलेस टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, अर्बन डेवलपमेंट, कृषि, स्वच्छ जल और रिसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों पर काम किया जाएगा। अनुमान है कि IIT Patna से जुड़े इस रिसर्च पार्क में आने वाले एक-दो वर्षों में 100 से अधिक रिसर्च और डेवलपमेंट आधारित कंपनियां स्थापित होंगी।सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल शहरों का सुनियोजित विस्तार होगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सम्राट सरकार का बड़ा फैसला: 11 शहरों में जमीन खरीद-बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध
Bihar moving towards planned development