समृद्धि यात्रा का समापन: CM नीतीश कुमार ने नालंदा- पटना के लिए खोला योजनाओं का पिटारा

Asha Rai

NEWS PR डेस्क: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा का आज नालंदा जिले में समापन हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिहारशरीफ नगर निगम स्थित दीपनगर स्टेडियम में नालंदा जिले से जुड़ी विकासात्मक और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, उद्योग, कृषि और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही आने वाले पांच वर्षों के लिए विकास का रोडमैप भी सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रगति यात्रा, सात निश्चय-2 और सात निश्चय-3 के तहत स्वीकृत योजनाओं का तेजी से और बेहतर ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के हित में लगातार काम कर रही है और अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता तथा संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारें, ताकि जनता को सीधा लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग लगाने वालों, स्वरोजगार शुरू करने वालों और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को हर संभव सहायता दी जा रही है। बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज, अनुदान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

जन संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और तभी से राज्य में विकास की रफ्तार तेज हुई। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब भय और असुरक्षा का वातावरण नहीं है और समाज में प्रेम, भाईचारा तथा शांति का माहौल है।

शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई है। उन्होंने बताया कि नियोजित शिक्षकों को भी सरकारी शिक्षक बनने का अवसर दिया गया, जिसमें अब तक 2 लाख 66 हजार शिक्षक सफल हो चुके हैं। अब राज्य में कुल सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो गई है। इसके अलावा 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली भी शुरू की जाएगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज के लिए बहुत कम मरीज पहुंचते थे, लेकिन अब हर महीने औसतन 11 हजार 600 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में पहले 6 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब 12 हो गई है और इस वर्ष 6 और मेडिकल कॉलेज शुरू होने की संभावना है। साथ ही बड़े सरकारी अस्पतालों का भी विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, बाईपास और एलिवेटेड रोड निर्माण को राज्य के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि अब दूरदराज इलाकों से पटना पहुंचना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 5 नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे और ग्रामीण सड़कों का 2-लेन चौड़ीकरण किया जाएगा।

ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार घर-घर सोलर पैनल लगाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। अभी 50 लाख घरों पर सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। कुल मिलाकर 50 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि पुलिस और सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा वृद्धजन, दिव्यांगजन और विधवा महिलाओं को मिलने वाली पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे 1 करोड़ 14 लाख लोगों को लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने जाति आधारित गणना का भी जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में 94 लाख गरीब परिवारों की पहचान की गई है। इन परिवारों को रोजगार से जोड़ने के लिए 2 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अब तक 83 लाख 20 हजार परिवारों को योजनाओं से जोड़कर राशि देना शुरू किया जा चुका है।

नालंदा जिले के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 के बाद जिले में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि बख्तियारपुर-बिहारशरीफ-रजौली पथ का निर्माण, बिहारशरीफ, हिलसा, एकंगरसराय, इस्लामपुर और राजगीर में बाईपास निर्माण, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, एएनएम और जीएनएम संस्थान, पावापुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, डेंटल कॉलेज, छात्रावास और सिंचाई योजनाओं का विस्तार किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई बड़े काम किए गए हैं। राजगीर में पांच धर्मों से जुड़े स्थलों का विकास, नालंदा विश्वविद्यालय, पुलिस अकादमी, खेल अकादमी, नेचर सफारी, जू सफारी, पांडू पोखर, घोड़ा कटोरा और नए रोपवे जैसी परियोजनाओं ने जिले की पहचान को नई ऊंचाई दी है।

उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत अगले पांच वर्षों में नालंदा जिले में और भी बड़े स्तर पर विकास कार्य किए जाएंगे। जिले की 3 लाख 95 हजार महिलाओं को 10-10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है और आगे रोजगार विस्तार के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। साथ ही जिले में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, 231 पंचायतों में सुधा दूध बिक्री केंद्र खोले जाएंगे, सभी 20 प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज स्थापित किए जाएंगे, सभी 20 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट अस्पताल बनाया जाएगा और बिहारशरीफ सदर अस्पताल को अति विशिष्ट अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नालंदा जिले में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा और लोगों को सरकारी सुविधाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए Ease of Living पर विशेष जोर दिया जाएगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है और कई बड़ी परियोजनाओं को केंद्र से सहायता मिली है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार और तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के विकसित राज्यों की कतार में शामिल होगा।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, कई विधायक, विधान पार्षद, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

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