NEWS PR डेस्क: पटना, 29 मार्च। बिहार में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। राज्य को जल्द ही 2025 बैच के 11 प्रशिक्षु IAS अधिकारी मिलने वाले हैं, जिससे लंबे समय से चल रही अधिकारियों की कमी काफी हद तक दूर होगी। इससे न केवल मौजूदा अधिकारियों पर काम का दबाव कम होगा, बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी तेजी आएगी।
इन अधिकारियों में बिहार के 4, राजस्थान के 2 तथा झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के एक-एक अधिकारी शामिल हैं। सभी ने वर्ष 2025 में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण की है और फिलहाल लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बिहार को मिलने वाले इन अधिकारियों में सीतामढ़ी के राज कृष्ण झा, झारखंड के दुमका से सौरभ सिन्हा, मध्य प्रदेश के बालाघाट की फरखंदा कुरैशी, रोहतास की कुमुद मिश्रा, उत्तराखंड के केतन शुक्ला और दिल्ली की कल्पना रावत जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी की शैक्षणिक और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि विविध है, जो प्रशासन में नए दृष्टिकोण लाने में सहायक साबित होगी।
बिहार कैडर के कई IAS अधिकारी केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली में तैनात रहते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार, वर्तमान में करीब 30 अधिकारी दिल्ली में सेवाएं दे रहे हैं, जबकि कुल मिलाकर लगभग 70 अधिकारी ड्यूटेशन के लिए पात्र हैं। आमतौर पर अधिकारी 5 साल की अवधि पूरी कर अपने मूल कैडर में लौटते हैं, हालांकि कुछ अधिकारी लंबे समय तक केंद्र में भी बने रहते हैं।
प्रशासनिक संतुलन होगा बेहतर
विशेषज्ञों का मानना है कि नए अधिकारियों के आने से जिलों और विभागों में कार्यों का बेहतर बंटवारा होगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और जनता तक सेवाओं की पहुंच में सुधार देखने को मिलेगा।
कुल मिलाकर, 2025 बैच के इन युवा अधिकारियों की एंट्री बिहार प्रशासन में नई ऊर्जा और दक्षता का संचार करने वाली मानी जा रही है।