NEWS PR डेस्क: पटना, 02 अप्रैल। बिहार की राजनीति एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। राष्ट्रीय जनता दल के भीतर संभावित असंतोष की खबरों के बीच पार्टी विधायक फैसल रहमान की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात ने सियासी माहौल को गरमा दिया है।
क्या यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात है?
हालांकि इस मुलाकात को औपचारिक बताया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे साधारण घटना मानने को तैयार नहीं है। ऐसे समय में जब राज्य की राजनीति लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है, इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
पहले भी विवादों में रहे फैसल रहमान
गौरतलब है कि फैसल रहमान पहले भी पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के कारण चर्चा में रहे हैं। हालिया राज्यसभा चुनाव में उन्होंने महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के समर्थन में वोट नहीं किया था। उनकी अनुपस्थिति को गठबंधन की हार का एक बड़ा कारण माना गया था।
क्या आरजेडी में सब कुछ ठीक है?
इन घटनाओं ने राष्ट्रीय जनता दल के भीतर एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के अंदर बढ़ती नाराजगी या संभावित टूट के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
नजरें तेजस्वी की वापसी पर
फिलहाल तेजस्वी यादव केरल में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन उनकी वापसी के बाद पार्टी की ओर से क्या रुख अपनाया जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में आरजेडी नेतृत्व की प्रतिक्रिया से यह साफ हो सकेगा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक संयोग था या किसी बड़े बदलाव की शुरुआत।