NEWS PR डेस्क: मुजफ्फरपुर, 08 अप्रैल। निजी विद्यालयों द्वारा यूनिफॉर्म और पाठ्यपुस्तकों की खरीद में अभिभावकों पर दबाव बनाने की शिकायतों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमंडलीय आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की मनमानी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आयुक्त ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और अभिभावकों के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ निजी विद्यालय अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही महंगे दामों पर यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं, जिससे उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
किसी खास दुकान से खरीदने का दबाव गैरकानूनी
आयुक्त ने साफ किया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) और सीबीएसई सहित अन्य नियमों के तहत कोई भी विद्यालय अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अभिभावकों को अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कहीं से भी सामग्री खरीदने की पूरी स्वतंत्रता है।
हर जिले में बनेगा कंट्रोल रूम
इस समस्या के समाधान के लिए प्रमंडल के सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करने का निर्देश दिया गया है। यह कंट्रोल रूम जिला शिक्षा पदाधिकारी की निगरानी में कार्य करेगा, जहां अभिभावक अपनी शिकायतें सीधे दर्ज करा सकेंगे। इससे त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दर तय करने के लिए बनेगी समिति
आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया है कि हर जिले में एक समिति गठित की जाए, जो यूनिफॉर्म और पुस्तकों के लिए तर्कसंगत और व्यावहारिक दर तय करेगी। इससे मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता आएगी और अभिभावकों को राहत मिलेगी।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय अभिभावकों पर दबाव बनाता पाया गया, तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। आयुक्त ने भरोसा दिलाया कि बच्चों और अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।