NEWS PR डेस्क: पटना, 09 अप्रैल। बिहार की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है, जहां नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर तेजी से साफ होती दिख रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बैठक कर सकते हैं। इस बैठक को सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।
सूत्रों की मानें तो संभावित बदलाव के तहत मुख्यमंत्री पद इस बार भाजपा के हिस्से में जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा, क्योंकि अब तक जनता दल यूनाइटेड के नेतृत्व में सरकार चलती रही है।
बताया जा रहा है कि नई सरकार के गठन के लिए एनडीए के भीतर एक संतुलित फॉर्मूला तैयार किया गया है। इसके तहत भाजपा अपने कोटे से 13 से 14 विधायकों को मंत्री बना सकती है, जबकि जेडीयू को भी लगभग इतनी ही हिस्सेदारी मिलने की संभावना है। साथ ही जेडीयू के खाते में दो उपमुख्यमंत्री पद जाने की चर्चा है।
एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी सरकार में प्रतिनिधित्व देने की तैयारी है। जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) से संतोष सुमन को मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से दीपक प्रकाश फिर से रिपीट हो सकते हैं। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से भी दो नेताओं को मंत्री पद मिल सकता है।
इस संभावित फॉर्मूले में सत्ता संतुलन के साथ-साथ सामाजिक समीकरणों का भी खास ध्यान रखा गया है। ओबीसी, सवर्ण, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर राजनीतिक संतुलन साधने की रणनीति पर काम हो रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी फॉर्मूले की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि जल्द ही एनडीए नेतृत्व अंतिम फैसला ले सकता है।