बिहार में सचिवालय कर्मियों के लिए शुरू होगी स्पेशल ई-बस सेवा, महिलाओं को मिलेगी पिंक बस सुविधा

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना, 16 मई। राजधानी पटना में ट्रैफिक दबाव कम करने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने नई पहल की घोषणा की है। 18 मई 2026 से सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक बस और पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को सुरक्षित, सस्ती और समयबद्ध सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

परिवहन विभाग के अनुसार बड़ी संख्या में कर्मचारी रोजाना निजी कार और बाइक से सचिवालय पहुंचते हैं, जिससे शहर में जाम और ईंधन की खपत बढ़ रही है। नई ई-बस सेवा शुरू होने से लोगों को निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा।

Bihar State Road Transport Corporation की ओर से फिलहाल पटना में संचालित 25 इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग इस विशेष सेवा में किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि कर्मचारियों का दैनिक यात्रा खर्च भी घटेगा।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम के समय विशेष पिंक बस सेवा भी चलाई जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं को सुरक्षित और सहज यात्रा का विकल्प मिलेगा।

कई प्रमुख रूटों पर चलेगी बसें

  • नई सेवा के तहत पटना जंक्शन से सचिवालय तक बसें आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए चलेंगी। इस रूट पर सुबह 8:30 बजे से सेवा शुरू होगी।
  • दानापुर स्टेशन से चलने वाली बसें सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, IGIMS, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय पहुंचेंगी। यह सेवा सुबह 8:15 बजे से उपलब्ध रहेगी।
  • इसके अलावा धनुकी मोड़ से विकास भवन तक भी विशेष बस सेवा शुरू की जाएगी। यह रूट कुम्हरार, भूतनाथ रोड, NMCH, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग और करबिगहिया स्टेशन से होकर गुजरेगा।
  • महिलाओं के लिए शुरू की जा रही पिंक बस सेवा कुर्जी से सचिवालय तक चलेगी। यह बस पी एंड एम मॉल, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड और हड़ताली मोड़ से होकर गुजरेगी।
  • वहीं गांधी मैदान से दानापुर स्टेशन तक भी विशेष इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित की जाएगी, जिससे सचिवालय क्षेत्र में आने-जाने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

सरकार का कहना है कि यह पहल हरित परिवहन, ऊर्जा संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। यदि बड़ी संख्या में लोग इलेक्ट्रिक बसों का उपयोग करते हैं तो राजधानी में ट्रैफिक और ईंधन खपत दोनों में कमी लाई जा सकेगी।

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