हकीकत बनी ट्वीट की गुहार: दिव्यांग बच्ची को मिली नई रफ्तार

Where there is sensitivity, solutions do not take long

Neha Nanhe

कटिहार से एक बेहद प्रेरणादायक और दिल को छू लेने वाली खबर सामने आई है, जहां जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता का शानदार उदाहरण पेश किया है। कटिहार के जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर आए एक ट्वीट पर महज 12 घंटे के भीतर संज्ञान लेते हुए एक दिव्यांग बच्ची तक सहायता पहुंचा दी, जिससे उसकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ गया।
गांव की बच्ची की संघर्षभरी कहानी
यह मामला हसनगंज प्रखंड के बलुआ पंचायत स्थित भारीडीह गांव का है। यहां रहने वाले अवधेश महतो की दिव्यांग पुत्री नेहा कुमारी को चलने-फिरने और स्कूल जाने में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्ची को जरूरी सहायक उपकरण नहीं मिल पा रहा था, जिससे उसकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही थी।
सोशल मीडिया बना मदद का जरिया
नेहा की समस्या को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्राइसाइकिल की मांग की गई थी। यह जानकारी जैसे ही जिला प्रशासन और डीएम तक पहुंची, उन्होंने तुरंत मामले को गंभीरता से लिया। डीएम आशुतोष द्विवेदी ने बिना देरी किए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया। प्रशासन ने तेज कार्रवाई करते हुए मात्र 12 घंटे के भीतर ट्राइसाइकिल नेहा के घर पहुंचा दी। ट्राइसाइकिल मिलने के बाद बच्ची का चेहरा खुशी से खिल उठा। बता दें कि उसकी आवाजाही अब पहले से कहीं अधिक आसान हो गई है।
प्रशासन का सख्त निर्देश
वहीं इस घटना के बाद डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिले के सभी स्कूलों में दिव्यांग बच्चों का विस्तृत सर्वे किया जाए, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। बता दें कि छोटी सी नेहा का सपना बड़ा है,. वह आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती है। वहीं प्रशासन की यह पहल न सिर्फ उसकी पढ़ाई को आसान बनाएगी, बल्कि उसके सपनों को भी नई दिशा देगी। वहीं कटिहार प्रशासन की यह त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई यह साबित करती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो किसी की मदद करने में समय नहीं लगता।

कटिहार से सुमन शर्मा की रिपोर्ट

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