NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 27 अप्रैल। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने देश में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक महत्वपूर्ण परामर्श पत्र जारी किया है। जानकारी के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य देशभर में सार्वजनिक वाई-फाई बुनियादी ढांचे के विकास को गति देना और इससे जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजना है।
परामर्श पत्र में मौजूदा नियामक ढांचे की समीक्षा करते हुए सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के प्रसार में आ रही बाधाओं की पहचान की गई है। साथ ही, हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं ताकि इस क्षेत्र में प्रभावी और व्यवहार्य मॉडल विकसित किए जा सकें।
ट्राई ने अपने दस्तावेज में कई प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया है। इनमें अन्य देशों के सार्वजनिक वाई-फाई इकोसिस्टम का अध्ययन, वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से सीख, भारत में वर्तमान स्थिति का आकलन, नेटवर्क उपयोग के रुझान और मांग के पैटर्न का विश्लेषण शामिल है।
इसके अलावा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सार्वजनिक वाई-फाई के प्रभावी मॉडल विकसित करने में केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, टेलीकॉम सेवा प्रदाताओं (TSP/ISP) और निजी क्षेत्र की भूमिका का भी परीक्षण किया गया है। दस्तावेज में प्रमाणीकरण, रोमिंग और बिलिंग से जुड़ी तकनीकी और नीतिगत चुनौतियों की भी पड़ताल की गई है।
सार्वजनिक वाई-फाई सेवाओं की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संभावित राजस्व मॉडलों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों का विश्लेषण भी इस परामर्श पत्र का हिस्सा है। यह परामर्श पत्र ट्राई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। इच्छुक हितधारक अपनी लिखित टिप्पणियां 25 मई 2026 तक भेज सकते हैं, जबकि प्रति-टिप्पणियां 8 जून 2026 तक आमंत्रित की गई हैं।
ट्राई ने कहा है कि प्राप्त सुझावों के आधार पर आगे की नीति तैयार की जाएगी, जिससे देश में डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और सार्वजनिक इंटरनेट पहुंच को व्यापक बनाने में मदद मिलेगी।