NEWS PR डेस्क: मुजफ्फरपुर, 30 अप्रैल। जिले में आधारभूत संरचना को मजबूत करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से चल रही प्रमुख परियोजनाओं को लेकर प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बुधवार को शहर की दो महत्वपूर्ण निर्माणाधीन परियोजनाओं चंदवारा पुल (फेज-1 एवं फेज-2) और अखाड़ाघाट पुल के समानांतर बन रहे नए पुल का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके। अधिकारियों ने जानकारी दी कि चंदवारा पुल परियोजना को मार्च 2027 तक पूर्ण कर जनता को समर्पित करने का लक्ष्य रखा गया है।
चंदवारा पुल के फेज-2 के तहत 2050 मीटर लंबे एप्रोच पथ के निर्माण के लिए पांच मौजों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी तरह की देरी निर्माण कार्य में बाधा बन सकती है। उन्होंने दामोदरपुर, भगवतीपुर और हरपुर में भूमि अधिग्रहण के लिए राशि स्वीकृत कर दी है और संबंधित एजेंसी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने 7 मई को विशेष कैंप आयोजित कर प्रभावित भू-धारियों से दस्तावेज प्राप्त करने और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया। उन्होंने इस कार्य में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
चंदवारा पुल के फेज-1 का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने 20 मई तक हर हाल में ब्लैक टॉपिंग कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। वर्तमान में पुल पर आवागमन जारी है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान चंदवारा स्थित शहीद खुदीराम बोस स्मारक के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई और इसे तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्मारक के ऊपरी तल पर आधुनिक लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी, जो युवाओं के लिए ज्ञान और प्रेरणा का केंद्र बनेगी।
इसके अलावा, चंदवारा क्षेत्र में सड़कों पर अतिक्रमण को लेकर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया और 11 मई तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने अखाड़ाघाट पुल के समानांतर बन रहे नए पुल का निरीक्षण किया। 272 मीटर लंबे इस पुल में 8 पिलर बनाए जा रहे हैं। डीएम ने कार्य की प्रगति पर संतोष जताते हुए इसे भी मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य दोहराया।
उन्होंने बताया कि इस पुल के निर्माण से शहर में यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही अखाड़ाघाट से जीरो माइल तक 920 मीटर लंबी फोरलेन सड़क निर्माण की योजना पर भी काम चल रहा है, जिसके लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करनी होगी।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी तुषार कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी शालिग्राम शाह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।