कुछ दल परिवार तक सीमित – विपक्ष पर सीएम सम्राट चौधरी का गंभीर आरोप

Politics heats up over women's reservation, NDA and opposition face off

Neha Nanhe
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बिहार की राजनीति में महिला आरक्षण को लेकर सियासी तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मुद्दे पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “नारी शक्ति के आरक्षण का अपमान किया गया है और यह महिलाओं के साथ धोखा है।”। सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) पहले से ही महिला विरोधी रही है।उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरे देश की महिलाओं के हित में सोचती है, जबकि कुछ दल केवल अपने परिवार तक सीमित हैं।
विपक्ष पर गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों ने महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी राजनीति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश में महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, तब कुछ पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं या इसे कमजोर करने की कोशिश कर रही हैं। सम्राट चौधरी ने खास तौर पर कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि “राहुल गांधी की बहन सांसद बन सकती हैं, लेकिन दूसरी महिलाओं को अवसर देने की मंशा पार्टी में स्पष्ट नहीं दिखती।”
बिहार की राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व पर बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विधानसभा में फिलहाल केवल 29 महिला विधायक हैं, जबकि यदि महिला आरक्षण पूरी तरह लागू होता तो यह संख्या बढ़कर लगभग 122 तक पहुंच सकती थी। उन्होंने इसे लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी का बड़ा सवाल बताया।सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में पंचायत स्तर पर 50% महिला आरक्षण पहले से लागू है, जिसके चलते लगभग 59% महिलाएं चुनाव जीतकर आ रही हैं। यह नारी शक्ति की बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।
एनडीए का रुख और सरकार का दावा
सम्राट चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया और अब जब इस दिशा में पहल हो रही है तो विरोध कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस दलित और आदिवासी हितों का भी विरोध करती रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पूरा एनडीए एकजुट होकर महिला आरक्षण का विरोध करने वालों का देशभर में विरोध करेगा। साथ ही आश्वस्त किया कि उनकी सरकार नारी शक्ति को आरक्षण देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए गंभीरता से काम
उन्होंने कहा कि सरकार नारी शक्ति के सशक्तिकरण के लिए गंभीरता से काम कर रही है।गौरतलब है कि 17 अप्रैल को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग हुई थी, लेकिन दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण यह पारित नहीं हो सका। इसके बाद एनडीए की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया।

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