समस्तीपुर में बड़ी कार्रवाई: 1 लाख रिश्वत लेते लिपिक गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो का 2026 में 50वीं कार्रवाई

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: समस्तीपुर, 30 अप्रैल। जिले के रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में कार्यरत लिपिक अनिल राम को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance) की टीम ने एक लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई 30 अप्रैल 2026 को की गई, जो इस वर्ष भ्रष्टाचार के खिलाफ ब्यूरो की 50वीं प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई है।

कैसे हुआ खुलासा ?

मामला तब सामने आया जब शिवाजीनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले देवेन्द्र मंडर ने निगरानी ब्यूरो, पटना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि लिपिक अनिल राम बकाया वेतन और वेतन अंतर राशि (करीब 37 लाख रुपये) के भुगतान के साथ-साथ पेंशन से जुड़े कार्यों के लिए रिश्वत मांग रहे थे।

शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने इसकी गोपनीय जांच कराई, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद निगरानी थाना कांड संख्या 050/26, दिनांक 29 अप्रैल 2026 दर्ज कर कार्रवाई की योजना बनाई गई।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

ऐसे हुई गिरफ्तारी

पुलिस उपाधीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को रोसड़ा थाना क्षेत्र के अनुमंडल चौक के पास मुख्य सड़क पर एक लाख रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसे जल्द ही मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।

आंकड़ों में निगरानी की कार्रवाई

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, वर्ष 2026 में यह 50वां मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से 45 ट्रैप केस हैं। अब तक कुल 43 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और 17.41 लाख रुपये रिश्वत की राशि बरामद की गई है। वहीं, वर्ष 2025 में ब्यूरो ने 101 ट्रैप मामले दर्ज किए थे, जिसमें 37.80 लाख रुपये रिश्वत बरामद हुई थी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article