भागलपुर – बिहार के स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां सड़क दुर्घटना में घायल छह लोगों को इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, लेकिन आरोप है कि समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल सकी।

घटना के अनुसार, सड़क हादसे में घायल सभी मरीजों को तत्काल नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था, जिनमें से पांच की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही थी। परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि जिस समय मरीज इलाज के लिए तड़प रहे थे, उस समय इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अफजल हुसैन अस्पताल परिसर में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलते नजर आए।बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार की जिम्मेदारी अन्य स्टाफ पर छोड़ दी और स्वयं मौके से दूर रहे। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सुविधा उपलब्ध नहीं है
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। संबंधित चिकित्सक पर पहले भी इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान लापरवाही, अनुपस्थिति और मरीजों के प्रति उदासीनता के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है।आरोप यह भी है कि अस्पताल में गंभीर मरीजों को अक्सर “सुविधा उपलब्ध नहीं है” कहकर रेफर कर दिया जाता है। कई बार प्राथमिक उपचार में देरी या लापरवाही के कारण मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है।
शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं,
इसके अलावा, स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर के बाहर सक्रिय कथित दलालों पर भी सवाल उठाए हैं, जो मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर ले जाने में भूमिका निभाते हैं। इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।फिलहाल वायरल वीडियो के बाद मामला तूल पकड़ चुका है और लोगों ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट