पंचायत सचिवों पर सख्ती, वेतन से वसूली के आदेश; 33 कर्मियों पर जुर्माना

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 05 मई। जिले में समयबद्ध सेवा उपलब्ध नहीं कराने वाले पंचायत सचिवों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पदाधिकारी आनंद शर्मा ने बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत दंडित पंचायत सचिवों से जुर्माना राशि उनके वेतन से वसूलने के निर्देश दिए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लौकही, खुटौना, झंझारपुर, फुलपरास, हरलाखी और मधेपुर प्रखंडों में कार्यरत पंचायत सचिवों पर यह कार्रवाई की गई है। इन कर्मियों पर समय पर सेवाएं नहीं देने के कारण आर्थिक दंड लगाया गया था, जिसकी अब सख्ती से वसूली सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, कुल 33 पंचायत सचिवों पर 93,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से कुछ मामलों में करीब 2,000 रुपये की आंशिक वसूली हो चुकी है, जबकि बाकी राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है। अलग-अलग मामलों में दंड राशि 1,000 रुपये से लेकर 6,500 रुपये तक निर्धारित की गई है।

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया है कि अप्रैल 2026 के वेतन से दंड की राशि काटकर उसे निर्धारित सरकारी खाते में जमा कराया जाए। साथ ही, जिन पंचायत सचिवों का तबादला हो चुका है या जो सेवानिवृत्त हो गए हैं, उनके मामलों में भी संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को तुरंत कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों को समय पर सेवाएं देना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को पंचायत स्तर पर कार्यप्रणाली की नियमित समीक्षा करने और सेवा वितरण को प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

प्रशासन का मानना है कि इस सख्त कार्रवाई से जिले में लोक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और लोगों को सरकारी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर मिल सकेंगी।

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