बिहार सरकार की नई पहल: कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सैलरी से 30 गुना मिलेगा लोन

Amit Singh
- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

NEWS PR डेस्क: पटना, 11 मई। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आर्थिक राहत देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। वित्त विभाग ने एक नई “ऑन-डिमांड वेतन/पेंशन अग्रिम योजना” लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत अब कर्मचारियों को आकस्मिक जरूरतों के लिए एजेंटों या निजी साहूकारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नई व्यवस्था के तहत सरकारी कर्मी और पेंशनभोगी अपने मासिक वेतन या पेंशन का अधिकतम 30 गुना तक ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इस लोन को चुकाने के लिए 2 महीने से लेकर 5 साल यानी 60 महीनों तक की अवधि तय की गई है। खास बात यह है कि अल्पकालिक वेतन अग्रिम को तय समय सीमा में लौटाने पर किसी प्रकार का ब्याज या प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।

सरकार के अनुसार यह पूरी योजना “शून्य लागत और शून्य दायित्व” मॉडल पर आधारित होगी। यानी इस योजना से राज्य सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। बैंक और वित्तीय संस्थान ऋण उपलब्ध कराएंगे, जबकि बिहार सरकार केवल गारंटर की भूमिका निभाएगी। इससे कर्मचारियों को बिना अतिरिक्त चार्ज के त्वरित ऋण सुविधा मिल सकेगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →

वित्त विभाग का कहना है कि कई बार आकस्मिक जरूरतों के कारण कर्मचारी निजी और अनियमित ऋणदाताओं के जाल में फंस जाते हैं, जहां उन्हें भारी ब्याज और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता है। नई योजना का उद्देश्य ऐसे कर्मचारियों को सुरक्षित और पारदर्शी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

पूरी प्रक्रिया को 100 प्रतिशत डिजिटल और पेपरलेस बनाया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार के CFMS और HRMS पोर्टल को बैंकों की प्रणाली से जोड़ा जाएगा, ताकि लोन स्वीकृति से लेकर ईएमआई कटौती तक की प्रक्रिया स्वतः संचालित हो सके। कर्मचारियों की मासिक किस्त उनके शुद्ध वेतन या पेंशन के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, ताकि उनकी नियमित आर्थिक जरूरतें प्रभावित न हों।

राज्य मंत्रिपरिषद ने 6 मई 2026 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी। अब वित्त विभाग टेंडर प्रक्रिया के जरिए योग्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों का चयन करेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी योजना भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशा-निर्देशों और सूचना प्रौद्योगिकी कानूनों के अनुरूप लागू की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आपातकालीन वित्तीय सहायता का भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है और उन्हें महंगे निजी कर्ज से बचाने में मदद करेगी।

- Advertisements -
Your Brand Here
Limited time offer
Advertise Now →
Share This Article