स्वस्थ भारत के लिए नई पहल, ‘जो खाना है, वही उगाना है’; शिवराज सिंह चौहान ने लॉन्च किया सेहत मिशन

मिशन कुपोषण के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नड्डा ने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक और स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे।

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: नई दिल्ली, 12 मई। केंद्र सरकार ने खेती और स्वास्थ्य को एक मंच पर लाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार को “सेहत मिशन” लॉन्च किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में दिल्ली में इस राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत की गई। यह पहल भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की साझेदारी से शुरू की गई है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि “सेहत मिशन” भारत की स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि अब देश केवल बीमारी के इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार कृषि और स्वास्थ्य संस्थानों का एक साथ काम करना वैज्ञानिक और कम लागत वाले समाधान विकसित करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

उन्होंने कहा कि यह मिशन कुपोषण के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। नड्डा ने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी जरूरतों के अनुरूप वैज्ञानिक और स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे।

वहीं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जो खाना है, वही उगाना है” की सोच के साथ देश को अब केवल अधिक उत्पादन नहीं, बल्कि पोषणयुक्त उत्पादन पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के निर्माण के लिए खेती, पोषण और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ना जरूरी है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मिशन के तहत बायो-फोर्टिफाइड फसलें, मोटे अनाज, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थ और एकीकृत कृषि प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताते हुए इनके उत्पादन और उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य को भी मिशन का अहम हिस्सा बताया। उनके अनुसार सुरक्षित खेती पद्धतियों, रसायनों के संतुलित उपयोग और वैज्ञानिक जागरूकता से किसानों के स्वास्थ्य जोखिम को कम किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार के मुताबिक “सेहत” यानी “Science Excellence for Health through Agricultural Transformation” एक संयुक्त राष्ट्रीय मिशन है, जिसका उद्देश्य खेती को पोषण, रोग-निवारण, किसान कल्याण और वैज्ञानिक नीति निर्माण से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि यह पहल आने वाले समय में स्वस्थ भारत के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगी।

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