बिहार में पुलिस महकमे में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। 16 आईपीएस अधिकारियों के हालिया ट्रांसफर के बाद अब राज्य सरकार ने 61 डीएसपी स्तर के अधिकारियों समेत 2 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक कई अधिकारियों को साइबर क्राइम, विशेष शाखा, आतंकवाद निरोधक दस्ता और अपराध अनुसंधान विभाग जैसी अहम इकाइयों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार इस बदलाव को कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है।

कई अधिकारियों को साइबर क्राइम, विशेष शाखा और अपराध अनुसंधान विभाग जैसी महत्वपूर्ण इकाइयों में तैनात किया गया है। सरकार के इस फैसले को पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेष रूप से साइबर अपराध, आतंकवाद निरोधक दस्ता और विशेष निगरानी इकाई जैसे संवेदनशील विभागों में अधिकारियों की नई पोस्टिंग से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश दिखाई दे रही है।

जारी आदेश के मुताबिक, नूरूल हक को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बिहार शरीफ से स्थानांतरित कर सहायक पुलिस महानिदेशक (निरीक्षण) बिहार पटना बनाया गया है। वहीं पंकज कुमार, जो अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव, भागलपुर में पदस्थापित थे, उन्हें पुलिस अधीक्षक विशेष निगरानी इकाई, बिहार पटना भेजा गया है।
इसके अलावा पंकज कुमार, जो सदर बेगूसराय में एसडीपीओ के पद पर कार्यरत थे, उन्हें पुलिस उपाधीक्षक आतंकवाद निरोधक दस्ता में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।रघुनाथ सिंह, जो विशेष शाखा में पुलिस उपाधीक्षक थे, उन्हें साइबर क्राइम इकाई में स्थानांतरित किया गया है। राघव दयाल, जो जयनगर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में तैनात थे, अब अपराध अनुसंधान विभाग, बिहार पटना में पुलिस उपाधीक्षक के पद पर कार्य करेंगे।
सूची में ज्यादातर अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी, DSP अधिकारी हैं जिनका तबादला किया गया है।
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2 IPS का भी ट्रांसफर
इसी क्रम में दो आईपीएस अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। आईपीएस अधिकारी गरिमा, जो सरैया मुजफ्फरपुर में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं, उन्हें कहलगांव, भागलपुर का नया एसडीपीओ बनाया गया है। वहीं आईपीएस अधिकारी साकेत कुमार, जो तारापुर मुंगेर में पदस्थापित थे, उन्हें सदर बिहार शरीफ अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज्य सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को पुलिसिंग व्यवस्था में नई ऊर्जा और बेहतर समन्वय स्थापित करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। लगातार हो रहे तबादलों से यह संकेत भी मिल रहा है कि सरकार कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहती। खासकर साइबर अपराध और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनुभवी अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा रही हैं।