वैश्विक तनाव के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार की अपील, पेट्रोल-डीजल बचाएं और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाएं

वैश्विक संकट के दौर में ईंधन बचत और स्वदेशी सोच अपनाने की अपील

Rashmi Tiwari

गया: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बन रहे युद्ध जैसे हालात का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।


उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश के हर नागरिक को जिम्मेदारी और संयम के साथ अपनी भूमिका निभानी चाहिए। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से पेट्रोल और डीजल का कम उपयोग करने तथा जहां तक संभव हो इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने की अपील की है।


विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल व्यक्तिगत जरूरत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है। अगर लोग अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग कम करें तो इससे देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ घटेगा और ईंधन संकट से निपटने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है। ऐसे में छोटी दूरी के लिए सार्वजनिक परिवहन और वैकल्पिक साधनों के उपयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
गैरजरूरी खर्च से बचें
सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर भी उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की। उनका कहना था कि यदि देश के लोग कुछ समय तक सोने की खरीदारी कम करें तो इससे विदेशी मुद्रा पर दबाव घटेगा और देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।इसके अलावा उन्होंने विदेश यात्राओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल जरूरी कार्य होने पर ही विदेश यात्रा करें और गैरजरूरी खर्च से बचें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की यात्राएं देशहित और कूटनीतिक जरूरतों के तहत होती हैं।
देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि देश इस समय चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में हर नागरिक का दायित्व है कि वह देशहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि लोग ईंधन बचत, खर्च में कटौती और स्वदेशी सोच को अपनाएंगे तो भारत इस संकट से मजबूती के साथ बाहर निकलेगा। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट

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