अखंड सौभाग्य की कामना के साथ महिलाओं ने रखा वट सावित्री व्रत,मंदिरों में उमड़ी भीड़

अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली के लिए महिलाओं ने की पूजा-अर्चना

Rashmi Tiwari
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भागलपुर शहर सहित नवगछिया, कहलगांव, सुल्तानगंज, सबौर, पीरपैंती, बिहपुर और गोराडीह समेत आसपास के ग्रामीण इलाकों में शनिवार को वट सावित्री व्रत पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही सुहागिन महिलाएं पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार में सजकर वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ों के पास पहुंचीं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।


महिलाओं ने वट वृक्ष की परिक्रमा कर धागा बांधा और अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि तथा अखंड सौभाग्य की कामना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार में समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।

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भागलपुर के विभिन्न मंदिरों और वट वृक्ष स्थलों पर सुबह से ही महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिली। शहर के बूढ़ानाथ मंदिर परिसर, बरारी, आदमपुर और तिलकामांझी इलाके में महिलाओं ने समूह बनाकर पूजा की और पारंपरिक लोकगीत भी गाए। वहीं नवगछिया और कहलगांव क्षेत्र के गांवों में भी महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ इस पर्व को मनाया।
परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना
पौराणिक मान्यता के अनुसार यह व्रत सावित्री और सत्यवान की कथा से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि सावित्री ने अपने तप, श्रद्धा और संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए यह व्रत करती आ रही हैं। पूरे भागलपुर क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा। महिलाओं ने पूजा-अर्चना के बाद परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिरों और वट वृक्ष स्थलों पर पारंपरिक आस्था और संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।
भागलपुर से श्यामानंद सिंह की रिपोर्ट

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