NEWS PR डेस्क: पटना, 23 मई। बिहार की राजधानी पटना एक बड़ी खबर सामने आ रही है। TRE-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर हुए छात्र आंदोलन में गिरफ्तार छात्र नेता दिलीप कुमार को शनिवार को पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई। 8 मई को गिरफ्तारी के बाद से वह जेल में बंद थे। कोर्ट के आदेश के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
दिलीप कुमार को TRE-4 नोटिफिकेशन जारी करने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पहले उन्हें गांधी मैदान थाने में रखा गया, बाद में पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई। आंदोलन और हंगामे के मामले में 4 नामजद समेत करीब 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें दिलीप कुमार का नाम भी शामिल था।

दरअसल, शिक्षक अभ्यर्थियों का आरोप है कि TRE-4 की वैकेंसी का लाखों उम्मीदवार पिछले दो वर्षों से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी को लेकर छात्रों ने लगातार आंदोलन तेज किया। 20 मई को भी राजधानी पटना में TRE-4 अधिसूचना जारी करने और दिलीप कुमार की रिहाई की मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया था, जिसमें कई छात्र नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
इधर, आंदोलन और भर्ती की मांगों के बीच बिहार सरकार ने शिक्षक नियुक्ति को लेकर बड़ा संकेत दिया है। सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल ने विभागीय योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना की जानकारी दी।

बैठक में फैसला लिया गया कि अगले पांच वर्षों में राज्य में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके तहत हर वर्ष लगभग 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य रखा गया है। सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया कि हर साल जुलाई महीने में शिक्षक नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया जाए।
स्कूलों में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली पोशाक की आपूर्ति जीविका समूहों के माध्यम से कराने का निर्देश भी दिया गया। सरकार का मानना है कि इससे समय पर पोशाक उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के स्थानांतरण को पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला शिक्षकों का स्थानांतरण यथासंभव गृह पंचायत के आसपास और पुरुष शिक्षकों का गृह प्रखंड के समीप करने के लिए नई नीति तैयार की जाए।