NEWS PR डेस्क:पूर्वी चंपारण पुलिस ने अपराध और आर्थिक ठगी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए एक कथित फर्जी नोट और संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव में रातभर चले विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने करीब एक करोड़ रुपये के कथित फर्जी नोट, 13 लाख रुपये नकद, 38 संदिग्ध सोने के बिस्किट, हथियार, कारतूस और कई वाहन बरामद किए हैं। मामले में चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

रातभर चला पुलिस का विशेष अभियान
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर चलाए गए अभियान का नेतृत्व सदर-1 और सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों ने किया। अभियान में दो प्रशिक्षु डीएसपी सहित पांच थानों की पुलिस टीम शामिल रही। पुलिस ने भोपतपुर निवासी सुलेमान अंसारी और इम्तियाज के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर गिरोह के कथित नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की।

लालच देकर ठगी का कथित खेल
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के अनुसार गिरोह लोगों को कम पैसे में अधिक रकम के कथित नकली नोट देने का लालच देता था। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए कई बार असली नोट देकर विश्वास कायम किया जाता था। बाद में बड़ी रकम लेकर आने वाले लोगों के साथ कथित ठगी की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया है कि नोटों की गड्डियों के ऊपर कुछ असली नोट रखे जाते थे, जबकि नीचे प्लास्टिक जैसी सामग्री से बने ‘चिल्ड्रन्स बैंक’ लिखे नोट रख दिए जाते थे। पुलिस के अनुसार कई मामलों में पीड़ितों को सुनसान स्थान पर बुलाकर पुलिस की वर्दी जैसी वेशभूषा पहनकर नकली छापेमारी की जाती थी और उनकी रकम छीन ली जाती थी।
हथियार और संदिग्ध सोने के बिस्किट भी बरामद
छापेमारी के दौरान बरामद कथित फर्जी नोटों के अलावा 38 संदिग्ध सोने के बिस्किट, हथियार और कारतूस भी मिले हैं। पुलिस अब इन बिस्किटों की जांच कराएगी कि वे वास्तविक सोना हैं या रोल गोल्ड। हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि गिरोह केवल आर्थिक अपराध में शामिल था या उसके अन्य आपराधिक नेटवर्क से भी संबंध थे।
पूरे नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। उनके मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन, संपर्क सूत्रों और अन्य संभावित ठिकानों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों का भी जल्द पता चल जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले का विस्तृत खुलासा प्रेस वार्ता के माध्यम से किया जाएगा। यदि जांच में अब तक मिले सुरागों की पुष्टि होती है, तो यह मामला पूर्वी चंपारण ही नहीं, बल्कि बिहार के बड़े संगठित आर्थिक अपराधों में शामिल हो सकता है।मोतिहारी से संतोष राउत की रिपोर्ट
