पटना में गंगा तट पर चला बुलडोजर, अवैध शोरूम-सर्विस सेंटर ध्वस्त

Amit Singh

NEWS PR डेस्क: पटना में गंगा नदी किनारे अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुर्जी इलाके में लगातार दूसरे दिन विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रशासन, नगर निगम और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने कुर्जी गेट नंबर 62 के अंदर बने किया और निसान के दो अवैध शोरूम एवं सर्विस सेंटर को जमींदोज कर दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी के किनारे स्थित असर्वेक्षित भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह इलाका जनहित और सार्वजनिक सुविधाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए अवैध कब्जों को हटाकर यहां जनसुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन के अनुसार, 22 मई को शुरू किए गए अभियान के तहत पहले दिन किया के शोरूम और सर्विस सेंटर के साथ निसान के सर्विस सेंटर पर कार्रवाई की गई थी, जबकि शनिवार को अभियान को आगे बढ़ाते हुए अन्य अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया। बताया गया कि इन निर्माणों में बिल्डिंग बायलॉज और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया था।

अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान में 3 वरीय दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में 10 दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी तैनात किए गए थे। इसके अलावा पुलिस बल, महिला बल और लाठी बल की भी तैनाती की गई थी, ताकि अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा नदी क्षेत्र की असर्वेक्षित भूमि सरकारी संपत्ति मानी जाती है और इस पर किसी व्यक्ति विशेष का दावा मान्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एनजीटी और उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुसार फ्लड प्लेन एरिया में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है, चाहे वह निजी भूमि ही क्यों न हो।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सार्वजनिक भूमि से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ भविष्य में नए अतिक्रमण को भी रोका जाए। इस कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। ऐसे में सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Share This Article