गया: तकनीकी शिक्षा को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की एक प्रेरणादायक पहल के तहत Gaya College of Engineering में सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों द्वारा “स्वच्छ भारत मिशन” विषय पर आधारित भव्य तकनीकी मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

इस प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने कुल 32 नवाचारी और तकनीकी मॉडल प्रस्तुत किए, जिनमें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया गया। छात्रों द्वारा वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ग्रीन बिल्डिंग, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने भी आधुनिक तकनीक आधारित प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए, जिनमें “सोलर पावर स्ट्रीट क्लीनिंग रोबोट”, “अल्गी आधारित ऑक्सीजन उत्पादन प्रणाली”, “स्मार्ट वेस्ट कलेक्शन सिस्टम” और “स्वचालित कचरा पृथक्करण मॉडल” शामिल रहे। इन मॉडलों को शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा विशेष सराहना प्राप्त हुई।

विद्यार्थियों ने अपने नवाचारों के माध्यम से न केवल तकनीकी ज्ञान का प्रदर्शन किया, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी सकारात्मक सोच भी प्रस्तुत की।कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजन सरकार ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों में नवाचार, टीमवर्क और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देती हैं, जो एक सफल इंजीनियर बनने के लिए आवश्यक हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में डीन एकेडमिक्स एवं प्रथम वर्ष विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं विषय समन्वयक डॉ. शिप्रा सागर और डॉ. प्रलयंकर कुमार सिंह के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली मॉडल प्रस्तुत किए।कार्यक्रम के दौरान सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष प्रो. रंजीत कुमार चौधरी और डॉ. सुरेश कुमार भी उपस्थित रहे और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।समापन के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम ने तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ स्वच्छता एवं सतत विकास के प्रति जागरूकता का सकारात्मक संदेश दिया।
गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
