औरंगाबाद सदर अस्पताल की एम्बुलेंस पर राजद का हमला, बोले- मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़

धक्का लगाकर चली एम्बुलेंस के बाद स्वास्थ्य सेवाओं पर सियासत तेज

Rashmi Tiwari

औरंगाबाद: स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच मंगलवार को औरंगाबाद सदर अस्पताल में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया। अस्पताल से रेफर किए गए एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजा जाना था, लेकिन उसे ले जाने के लिए उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई। काफी देर तक प्रयास और धक्का लगाने के बाद एम्बुलेंस चालू हो सकी, जिसके बाद मरीज को रवाना किया गया।


स्वास्थ्य व्यवस्था पर राजद का हमला
इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल इलाज की आवश्यकता हो, तो ऐसी स्थिति उसके लिए जानलेवा साबित हो सकती है।घटना को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिला प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है।
डॉ. यादव ने कहा कि औरंगाबाद सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल के रूप में प्रचारित किया जाता है, लेकिन यहां की एम्बुलेंस तक ठीक से काम नहीं कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब मरीजों को रेफर करने की आवश्यकता पड़ती है, तब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी सामने आ जाती है। उन्होंने कहा कि बिहार का स्वास्थ्य विभाग ठीक अपने मंत्री की तरह हो गया। क्योंकि बिहार की राजनीति में ऐसे स्वास्थ्य मंत्री नहीं मिले हैं जो बीमार दिखते है और सहारे पर चलते है। उनकी बॉडी लैंग्वेज उनके स्वास्थ्य की स्थिति को बखूबी बयां करती है। ठीक उनका विभाग भी अब उसी स्थिति में हो गया।


चिकित्सकों की कमी का भी उठाया मुद्दा
राजद नेता ने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कई विभागों में डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने कहा कि कई बार मजबूरी में मरीज निजी अस्पतालों का रुख करते हैं, जहां इलाज का खर्च उनकी आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ता है।
व्यवस्था सुधारने की मांग
डॉ. रमेश यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए सरकार को ठोस और प्रभावी कदम उठाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया, तो राजद इस मुद्दे को लेकर आंदोलन करने पर विचार करेगा।वहीं, अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

औरंगाबाद से रूपेश पत्रकार की रिपोर्ट

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