NEWS PR डेस्क: मधुबनी, 2 जून 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित सहयोग शिविरों को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को हरलाखी प्रखंड के पिपरौन पंचायत स्थित पंचायत सरकार भवन में आयोजित सहयोग शिविर में जिलाधिकारी आनंद शर्मा पहुंचे और आमजनों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, महिला समूहों की सदस्याएं और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सहयोग शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
पोर्टल पर मिले 22 आवेदन, सभी का हुआ निष्पादन
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सहयोग पोर्टल के माध्यम से विभिन्न समस्याओं से जुड़े 22 आवेदन प्राप्त हुए, जिनका त्वरित निष्पादन कर दिया गया। वहीं शिविर में 20 से अधिक नए आवेदन भी जमा किए गए। विभिन्न विभागों के स्टॉलों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखी गई और ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं।

सड़क, स्वास्थ्य केंद्र और अतिक्रमण जैसे मुद्दे उठे
शिविर के दौरान ग्रामीणों ने भारत-नेपाल सीमा तक जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण, स्वास्थ्य केंद्र के जीर्णोद्धार, अतिथि भवन और शवदाह गृह निर्माण, मंदिर के पास सामुदायिक शौचालय, तालाब के पक्कीकरण तथा नाला को कमला नहर से जोड़ने जैसी मांगें जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
हनुमान मंदिर के पुजारी ने मंदिर की भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए आवेदन दिया। वहीं अरविंद ठाकुर ने दाखिल-खारिज लंबित रहने, वीणा देवी ने राशन कार्ड पुनः चालू करने, राजेंद्र महतो ने नाले के गलत बहाव और रामनाथ पांडेय ने कृषि कार्य के लिए विद्युत कनेक्शन में आ रही परेशानी से संबंधित आवेदन सौंपे।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार लोग अपने घरों को स्वच्छ रखते हैं, उसी तरह गांव को भी साफ-सुथरा रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायत स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता की शिकायत साक्ष्य के साथ प्राप्त होती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

योजनाओं की जानकारी और ऑन-द-स्पॉट समाधान
शिविर में सामाजिक सुरक्षा विभाग ने वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत योजना, टीकाकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में लोगों को जागरूक किया। आपदा प्रबंधन विभाग ने फसल क्षति सहायता और प्राकृतिक आपदाओं से बचाव संबंधी जानकारी साझा की, जबकि पशुपालन विभाग ने पशुधन विकास और पशु टीकाकरण योजनाओं की जानकारी दी।
जिलेभर में 26 पंचायतों और 15 वार्डों में लगे शिविर
प्रशासन की ओर से बताया गया कि मंगलवार को जिले की 26 पंचायतों और सभी नगर निकायों के 15 वार्डों में सहयोग शिविर आयोजित किए गए। प्रत्येक शिविर में जिलास्तरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी ताकि लोगों की शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जा सके।
ग्रामीणों ने सहयोग शिविर की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें प्रखंड और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली है तथा गांव स्तर पर ही प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।
शिविर में सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार, उपनिदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी परिमल कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी राजेश कुमार, सहायक आपदा पदाधिकारी रजनीश कुमार, बीडीओ रविशंकर पटेल, सीडीपीओ पल्लवी कुमारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।