NEWS PR डेस्क:पटना: मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थानों के बीच हुए चर्चित विवाद मामले में ज्ञान बिंदु GS अकादमी के निदेशक रौशन आनंद को बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों पर अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षकों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का उदाहरण पेश करना चाहिए, न कि आपराधिक गतिविधियों का हिस्सा बनना चाहिए

कोर्ट ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि दोनों पक्ष शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं और छात्रों के भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उन्हें गुरु की तरह आचरण करना चाहिए तथा आपसी प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक और स्वस्थ दायरे में रखना चाहिए।
बचाव पक्ष ने रखी दलील
रौशन आनंद के अधिवक्ता रमाकांत शर्मा ने जमानत मिलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अदालत ने भी माना है कि शिक्षकों को गुरु की तरह आचरण करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को मान लेने के बावजूद रौशन आनंद को इस मामले का साजिशकर्ता नहीं माना जा सकता। वकील ने यह भी सवाल उठाया कि बाद में खान सर के सुरक्षा गार्ड द्वारा फायरिंग की बात स्वीकार किए जाने के बावजूद शुरुआती स्तर पर इस जानकारी को क्यों छिपाया गया। उनके अनुसार, इस मुद्दे पर अदालत में विस्तार से बहस हुई।
स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पर कोर्ट का जोर
रमाकांत शर्मा ने कहा कि अदालत का स्पष्ट मत था कि दोनों पक्ष शिक्षा संस्थान संचालित करते हैं, इसलिए उन्हें आपसी प्रतिस्पर्धा को स्वस्थ और पेशेवर दायरे में रखना चाहिए। उन्होंने भी सहमति जताते हुए कहा कि शिक्षकों को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि 2 जून की रात खान ग्लोबल स्टडीज के मुसल्लहपुर हाट स्थित संस्थान में जमकर हंगामा और बवाल हुआ था। इस मामले में रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद को गिरफ्तार किया था।
