NEWS PR डेस्क: पटना, 25 जून। राजधानी पटना के लाखों संपत्ति धारकों को अब होल्डिंग टैक्स के रूप में अधिक राशि चुकानी होगी। पटना नगर निगम क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक एवं अन्य सभी श्रेणी की संपत्तियों पर होल्डिंग टैक्स की दरों में 15 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है। नगर विकास एवं आवास विभाग से मंजूरी मिलने के बाद बुधवार से नई दरें प्रभावी हो गई हैं।
नगर निगम प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क तथा अन्य सड़कों के किनारे स्थित सभी प्रकार की संपत्तियों पर बढ़ी हुई दरें लागू होंगी। इसका सीधा असर मकान मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर यदि कोई संपत्ति धारक अब तक सालाना 1,000 रुपये होल्डिंग टैक्स जमा करता था, तो उसे अब 1,150 रुपये का भुगतान करना होगा।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पटना में वर्ष 1995 के बाद पहली बार वार्षिक किराया मूल्य (एआरवी) में संशोधन किया गया है। हालांकि नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति और निगम बोर्ड ने वर्ष 2021 में ही 15 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, लेकिन विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद इसे अब लागू किया गया है।

बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 127 के तहत विभिन्न श्रेणियों की होल्डिंग के लिए प्रति वर्गफुट निर्मित क्षेत्र के किराया मूल्य में प्रत्येक पांच वर्ष पर न्यूनतम 15 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसी कानूनी व्यवस्था के तहत नई दरें लागू की गई हैं।
नगर निगम का कहना है कि बढ़े हुए होल्डिंग टैक्स से प्राप्त अतिरिक्त राजस्व का उपयोग शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने में किया जाएगा। इसमें सड़क निर्माण एवं मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था, सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटिंग और अन्य नागरिक सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्य शामिल हैं।
निगम प्रशासन ने करदाताओं को राहत देते हुए यह भी घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का होल्डिंग टैक्स 30 जून तक एकमुश्त जमा करने पर पांच प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से समय पर कर भुगतान कर इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगम को राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की उम्मीद है, जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।
