NEWS PR डेस्क: गया । 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में याद किया जाता है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया था। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेन्द्र प्रसाद, अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद को अंगवस्त्र, माला, कलम एवं डायरी भेंट कर सम्मानित किया।
इस मौके पर वक्ताओं ने 1975 के आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर बताया। डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया था, जिसके दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेलों में बंद किया गया तथा नागरिकों के मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए।
उन्होंने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट न आए।
इस अवसर पर सम्मानित किए गए अखौरी निरंजन प्रसाद ने कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा प्रतिवर्ष दिया जाने वाला यह सम्मान उनके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि 1975 के आंदोलन की स्मृतियां आज भी उन्हें उतनी ही ऊर्जा देती हैं, जितनी उस समय देती थीं। कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता, विजय प्रसाद उर्फ काला नागराज सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे। गया से आशिष कुमार की रिपोर्ट
