बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह: ‘भ्रष्टाचार की रोकथाम में परिवार एवं महिलाओं की भूमिका’ पर मंथन, हाईटेक निगरानी व्यवस्था पर दिया गया जोर

Amit Singh
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NEWS PR डेस्क: पटना, 8 जुलाई। बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह (2 से 8 जुलाई) के समापन अवसर पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार द्वारा बुधवार को पटना स्थित ब्यूरो सभागार में “भ्रष्टाचार की रोकथाम में परिवार एवं महिलाओं की भूमिका” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्व पर्षद, बिहार की अध्यक्ष-सह-सदस्य हरजोत कौर शामिल हुईं। उनके साथ अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) के.एस. अनुपम, जेडी विमेन्स कॉलेज, पटना की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. हीना रानी तथा विशेष लोक अभियोजक आनंदी सिंह भी उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत एवं पौधा भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुई। इस दौरान निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा वर्ष 2025 एवं 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध की गई कार्रवाई का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण भी दिया गया।

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भ्रष्टाचार से बढ़ती है असमानता: हरजोत कौर

मुख्य अतिथि हरजोत कौर ने अपने संबोधन में कहा कि भ्रष्टाचार अवसरवादी प्रवृत्ति है और जैसे-जैसे भ्रष्टाचार बढ़ता है, वैसे-वैसे समाज में असमानता भी बढ़ती जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भ्रष्टाचार का स्वरूप भी हाईटेक हो गया है, इसलिए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को भी तकनीक के अधिक उपयोग के साथ अपनी कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाना चाहिए।

उन्होंने सुझाव दिया कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ब्यूरो की निगरानी व्यवस्था को हाईटेक बनाया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि परिवार में नैतिक मूल्यों और सकारात्मक संस्कारों का विकास किया जाए तो भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने भ्रष्टाचार की रोकथाम में महिलाओं और परिवार की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

वक्ताओं ने महिलाओं और परिवार की भूमिका पर रखे विचार

कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी भ्रष्टाचार उन्मूलन में महिलाओं एवं परिवार की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। इस क्रम में ब्यूरो में पदस्थापित पुलिस उपाधीक्षक शुभाश स्वामी, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी पुनीता कुमारी, पुलिस अवर निरीक्षक अलका सिंह तथा सहायक पुलिस अवर निरीक्षक नीलम कुमारी ने भी विषय पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

सभी वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यदि परिवार में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दी जाए तो समाज में भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वालों का हुआ सम्मान

बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अधिकारियों और कर्मियों को भी इस अवसर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

वरिष्ठ अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक गरिमा मलिक, पुलिस उप-महानिरीक्षक मृत्युंजय कुमार चौधरी एवं राकेश कुमार सिन्हा, सभी पुलिस अधीक्षक, ब्यूरो के विधि पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जनजागरूकता को मजबूत करने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध केवल सरकारी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज, परिवार और विशेष रूप से महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था स्थापित की जा सकती है। बिहार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के समापन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को ईमानदारी, नैतिकता और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता का संदेश दिया गया।

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