NEWS PR डेस्क :बगहा: पश्चिम चंपारण के बगहा व्यवहार न्यायालय ने मानव तस्करी के एक गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने की स्थिति में तीन वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने नौरंगिया थाना कांड संख्या 05/2026 में पश्चिम बंगाल निवासी नियोति देवी (43) और नागेश भुइयां (19) को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया।
नाबालिग बच्चियों को ले जाते हुए हुई थी गिरफ्तारी
अभियोजन के अनुसार, 22 जनवरी 2026 को मानव व्यापार निरोधक इकाई को सूचना मिली थी कि एक महिला और एक युवक तीन नाबालिग बच्चियों को बहला-फुसलाकर पश्चिम बंगाल ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर नौरंगिया थाना पुलिस और मानव व्यापार निरोधक इकाई ने संयुक्त अभियान चलाकर हल्दिया चट्टी के पास दोनों आरोपितों को बच्चियों के साथ गिरफ्तार किया। जांच के दौरान बच्चियों को बेचने की कथित साजिश का खुलासा हुआ। आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और बगहा से आसनसोल तक के रेलवे टिकट भी बरामद किए गए।
स्पीडी ट्रायल में सुनाया गया फैसला
मामले की सुनवाई स्पीडी ट्रायल के तहत की गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में पांच गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपितों को दोषी ठहराया। अपने फैसले में अदालत ने कहा कि मानव तस्करी संविधान द्वारा प्रदत्त जीवन, गरिमा और स्वतंत्रता के अधिकार पर गंभीर हमला है। ऐसे अपराध समाज के लिए बेहद घातक हैं, इसलिए उनकी गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा दिया जाना आवश्यक है। पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट।पश्चिम चंपारण से मोहम्मद इम्तियाज की रिपोर्ट
