NEWS PR डेस्क: पटना में बिहार बंद के दौरान हुए प्रदर्शन और हिंसा के मामले में जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया है। शनिवार देर रात करीब 12:15 बजे पुलिस ने उन्हें नौबतपुर थाने से छज्जूबाग स्थित मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

सिटी सेंटर मॉल से हुई गिरफ्तारी
तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने दावा किया कि उन्हें 25 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से गिरफ्तार किया गया था। वकील के अनुसार, मॉल के सीसीटीवी फुटेज से गिरफ्तारी की पुष्टि होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी के दौरान न तो परिवार को सूचना दी गई और न ही एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराई गई। वकील का यह भी कहना है कि बाद में तेज प्रताप यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित गंभीर धाराएं जोड़ी गईं। इस संबंध में कोर्ट में उनकी रिहाई की मांग भी की गई है।
बिहार बंद प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
शनिवार को बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वह हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन का नेतृत्व करते नजर आए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प और पथराव हुआ। इस घटना में गांधी मैदान थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, टीओपी प्रभारी प्रमोद कुमार समेत कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने इसी मामले में तेज प्रताप यादव के खिलाफ कार्रवाई की।
पुलिस ने कैसे की कार्रवाई?
प्रारंभिक हिरासत के बाद तेज प्रताप यादव थाने से बाहर आ गए थे। इसके बाद पुलिस ने उनकी लोकेशन ट्रेस की और पटना के सिटी सेंटर मॉल से उन्हें दोबारा हिरासत में लेकर नौबतपुर थाने पहुंचाया। नौबतपुर में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और पूछताछ के बाद देर रात कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया।
गिरफ्तारी की कार्रवाई के दौरान पटना पश्चिमी एसपी और लॉ एंड ऑर्डर-2 की एसडीपीओ कोमल मीणा भी मौके पर मौजूद थीं। तेज प्रताप यादव के साथ उनके निजी सहायक (PA) और अन्य सहयोगी भी मौजूद थे।
