NEWS PR डेस्क:पटना के बेऊर केंद्रीय कारा में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। विभागीय जांच के बाद निलंबित किए गए पांच सहायक अधीक्षकों के खिलाफ अब बेऊर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है। जेल प्रशासन की ओर से दर्ज प्राथमिकी में अधिकारियों पर कर्तव्य में लापरवाही, जेल नियमावली के उल्लंघन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि विभागीय कार्रवाई पहले से जारी है।

दरअसल, जून में कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय और जिला प्रशासन की संयुक्त जांच के दौरान बेऊर जेल में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। जांच में पाया गया कि जेल कैंटीन में बंदियों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर सामान बेचा जा रहा था। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर और सरकारी अभिलेखों के रखरखाव में भी गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। कई वार्डों में बंदी प्रतिबंधित हीटर पर खाना बनाते पाए गए, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर भी सवाल उठे। जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने पहले जेल अधीक्षक समेत कई अधिकारियों को निलंबित किया था और अब पांच सहायक अधीक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
FIR दर्ज होने के प्रमुख कारण
● वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताएं
जेल कैंटीन में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर सामान बेचने, स्टॉक रजिस्टर और सरकारी अभिलेखों में गड़बड़ी तथा रिकॉर्ड के सही संधारण में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
● सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक
जांच के दौरान कई बंदी प्रतिबंधित हीटर पर खाना बनाते मिले। जेल के भीतर निजी मेस जैसी व्यवस्था संचालित होने और इन गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी नहीं रखने को भी गंभीर लापरवाही माना गया।
● अधिकारियों द्वारा कर्तव्यों का समुचित निर्वहन नहीं
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों ने अपने प्रशासनिक दायित्वों का प्रभावी ढंग से पालन नहीं किया, जिसके कारण जेल में अनियमितताओं को बढ़ावा मिला। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी में पांचों सहायक अधीक्षकों के नाम जारी नहीं किए गए हैं।
बेऊर केंद्रीय कारा में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने दोहराया है कि जेल प्रशासन में भ्रष्टाचार, लापरवाही और नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
