NEWS PR डेस्क : बिहार में सड़क और पुल अवसंरचना के विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की उपस्थिति में पथ निर्माण विभाग और राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के बीच 21 हजार करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्त पोषण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते पर पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल और नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी. ने हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य राज्य में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की सड़क एवं पुल परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती प्रदान करना है।
ग्रामीण संपर्क को मिलेगा बड़ा लाभ
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के विकास में नाबार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और भविष्य में भी इसी तरह के सहयोग की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सड़क और पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दे रही है, क्योंकि मजबूत आधारभूत संरचना से लोगों की आवाजाही आसान होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि 21 हजार करोड़ रुपये के इस दीर्घकालिक वित्त पोषण से विभिन्न सड़क एवं पुल परियोजनाओं के लिए संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
नाबार्ड ने जताई सहयोग की प्रतिबद्धता
नाबार्ड के अध्यक्ष शाजी कृष्णन वी. ने कहा कि बिहार तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास से जुड़ी परियोजनाओं में नाबार्ड आगे भी हरसंभव सहयोग देता रहेगा।
‘NABARD in Bihar’ पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘NABARD in Bihar’ पुस्तक का भी विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्य की पारंपरिक कला एवं शिल्प को बढ़ावा देने वाले तीन शिल्पकारों को जीआई (Geographical Indication) प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में भोजपुर के संजीव सिन्हा (पिड़िया पेंटिंग), गया के रविंद्र नाथ गौड़ (पत्थर कला) और नालंदा के सुरेश देव (बावन बूटी कला) शामिल रहे।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समारोह में मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेन्द्र, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्य सरकार के कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार का मानना है कि इस समझौते से बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी, जिससे ग्रामीण संपर्क बेहतर होगा और विकास की रफ्तार को नया बल मिलेगा।
बिहार में सड़क और पुल निर्माण को मिलेगी नई रफ्तार, 21 हजार करोड़ रुपये के वित्त पोषण के लिए नाबार्ड से हुआ समझौता