हैदराबाद में गूंजा ‘टेक बिहार’ का विज़न, वैश्विक आईटी कंपनियों ने बिहार में निवेश की दिखाई मज़बूत दिलचस्पी

Shreya Raj
हैदराबाद में आयोजित बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 के दौरान वैश्विक तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ निवेश एवं साझेदारी पर उच्चस्तरीय बैठक।

पटना/हैदराबाद, 7 अगस्त 2026: बिहार सरकार का सूचना प्रावैधिकी विभाग राज्य को देश के प्रमुख डिजिटल और तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से आयोजित ‘बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026’ के तहत हैदराबाद में देश-विदेश की अग्रणी आईटी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) लीडर्स, स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें और रणनीतिक संवाद आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में निवेश आकर्षित करना, वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना और राज्य को डिजिटल अर्थव्यवस्था के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना रहा।

आईटी हब के रूप में बिहार को स्थापित करने पर सरकार का फोकस

इस अवसर पर बिहार सरकार के सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 का उद्देश्य राज्य को Technology, Innovation और Global Capability Centres (GCCs) का अगला बड़ा गंतव्य बनाना है। उन्होंने कहा कि बिहार में आईटी एवं आईटीईएस (IT & ITES), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीपटेक और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल निवेश लाना नहीं, बल्कि ऐसा आधुनिक और उद्योग-अनुकूल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उद्योगों को बेहतर माहौल मिले और राज्य के युवाओं को रोजगार एवं नवाचार के नए अवसर प्राप्त हों।

निवेशकों को बताई गईं सरकारी नीतियां और सुविधाएं

मंत्री नीतीश मिश्रा ने उद्योग प्रतिनिधियों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, निवेश प्रोत्साहन योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और आधुनिक औद्योगिक एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार योजनाबद्ध तरीके से राज्य को आईटी, आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, डीपटेक और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर का अग्रणी केंद्र बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

सचिव अभय कुमार सिंह ने कीं कई महत्वपूर्ण बिजनेस मीटिंग्स

कार्यक्रम के दौरान सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कई प्रमुख राष्ट्रीय और वैश्विक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वन-टू-वन बिजनेस मीटिंग्स कीं। Wipro और Infosys Consulting के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास और तकनीकी सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई, वहीं Sandoz Pharma सहित विभिन्न तकनीकी और औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ भी बिहार में GCC की स्थापना, IT/ITES, AI, डिजिटल सेवाएं, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया।

आईटी पॉलिसी और GCC पॉलिसी का किया गया प्रस्तुतीकरण

बैठकों के दौरान सचिव अभय कुमार सिंह ने बिहार आईटी पॉलिसी 2024 और बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) पॉलिसी 2026 का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने निवेशकों को राज्य में उपलब्ध अवसरों, उद्योग-अनुकूल नीतियों, मजबूत डिजिटल अवसंरचना, कुशल मानव संसाधन और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार तेज़ी से ऐसे राज्य के रूप में उभर रहा है, जहां उद्योगों को बेहतर माहौल, बड़ी युवा प्रतिभा और स्पष्ट सरकारी नीतियों का लाभ मिल रहा है।

कई बड़ी कंपनियों ने दिखाई रुचि

सम्मेलन के दौरान JLL India GCC, Zuora, Amnex Infotechnologies, Broadcom, VAJRAM, iLogitron Technologies और RAMINFO Limited सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों और संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई। इन बैठकों में बिहार में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना, आईटी पार्कों का विकास, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित समाधान, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान एवं नवाचार तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित निवेश और सहयोग के अवसरों पर विस्तार से विचार किया गया।

‘टेक बिहार’ की दिशा में मज़बूत कदम

बिहार आईटी इंडस्ट्री मीट 2026 ने यह संकेत दिया कि बिहार अब केवल संभावनाओं का राज्य नहीं, बल्कि प्रौद्योगिकी, नवाचार, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और डिजिटल निवेश के क्षेत्र में तेजी से उभरता राष्ट्रीय केंद्र बन रहा है। सरकार का मानना है कि उद्योग-अनुकूल नीतियों, आधुनिक डिजिटल ढांचे और कुशल युवा शक्ति के बल पर बिहार आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख आईटी निवेश गंतव्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

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